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Cancer: पुरुषों में इस घातक कैंसर का खतरा महिलाओं से दोगुना ज्यादा, सालाना सात लाख से अधिक की हो जाती है मौत

Sun, 15 Dec 2024 01:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 15 Dec 2024 01:35 PM IST
सार

अध्ययन से पता चलता है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में पेट के कैंसर का खतरा दोगुना से अधिक होता है। साल 2020 में, पेट के कैंसर से लगभग 7.70 लाख लोगों की मौत हुई।

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Stomach cancer is more common in men than women know cancer risk factors and symptoms in hindi
कैंसर से बचाव - फोटो : Freepik.com

Stomach Cancer: कैंसर का खतरा वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। सभी उम्र और लिंग के लोगों को कैंसर का शिकार पाया जा रहा है। हालांकि कुछ प्रकार के कैंसर के मामले पुरुषों में अधिक देखे जाते रहे हैं, पेट का कैंसर उनमें से एक है। एक अध्ययन से पता चलता है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में पेट के कैंसर का खतरा दोगुना से अधिक होता है। इस प्रकार के कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत भी हो जाती है।



पेट के कैंसर को गैस्ट्रिक कैंसर भी कहा जाता है, ये पेट की कोशिकाओं में शुरू होता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि लाइफस्टाइल और आहार से संबंधित गड़बड़ी के कारण आपको भी ये कैंसर हो सकता है, इसलिए कम उम्र से ही कैंसर से बचाव को लेकर निरंतर प्रयास करते रहने की जरूरत हो जाता है।

डॉक्टर कहते हैं, समय पर कैंसर के लक्षणों की पहचान और इलाज होने से इसके बढ़ने और जान जाने जैसे खतरों को कम किया जा सकता है। आइए स्टमक कैंसर के बढ़ते जोखिमों और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, इस बारे में जानते हैं।

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पेट में कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe Stock

पेट में कैंसर की समस्या

कैंसर रोग विशेषज्ञ बताते हैं, पुरुषों और महिलाओं दोनों में पेट के कैंसर का जोखिम होता है, हालांकि इसके मामले पुरुषों में अधिक रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। साल 2020 में, पेट के कैंसर से लगभग 7.70 लाख लोगों की मौत हुई।

आमतौर पर इस कैंसर को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है क्योंकि समय पर इसके लक्षणों की पहचान नहीं हो पाती है। पेट में कैंसर के लक्षण पेट की अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं इसलिए अक्सर लोग इसको लेकर भ्रमित हो जाते हैं। डॉक्टर कहते हैं, समय पर पेट के कैंसर का निदान हो जाए तो इसके कारण होने वाली जटिलताओं और गंभीरता से बचा जा सकता है।

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पेट के कैंसर में होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com

आपको भी तो नहीं है पेट का कैंसर? ऐसे पहचानें

अध्ययनों से पता चलता है कि पेट में कैंसर के लक्षण आपको कई प्रकार से प्रभावित करने वाले हो सकते हैं। इसके लक्षण आमतौर पर पेट में होने वाली अन्य समस्याओं से मिलते-जुलते होते हैं, जिनपर गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। पेट में होने वाले कैंसर के कारण आपको निगलने में परेशानी, पेट में दर्द, खाने के बाद पेट फूलने, अक्सर सीने में जलन, अपच-मतली की समस्या होती रहती है। 

पेट के कैंसर के शुरुआती चरण में हमेशा लक्षण नहीं दिखते। कैंसर बढ़ने की स्थिति में इसके कारण होने वाली जटिलताएं अधिक स्पष्ट होने लगती हैं। ये कैंसर जब लिम्फ नोड्स में फैलता है, तो यह गांठ पैदा कर सकता है। वहीं लिवर तक फैलने वाला कैंसर पीलिया जैसे संकेत भी पैदा करता है। 

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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com

क्यों होता है पेट में कैंसर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खान-पान और लाइफस्टाइल की कई ऐसी आदतें हैं जो आपमें पेट के कैंसर के खतरे को बढ़ा देती हैं। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये कैंसर रहा हो उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा कुछ ऐसी स्थितियां भी हैं जो इस कैंसर का कारण बन सकती हैं।

  • ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन करना। 
  • हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक रोगाणु के कारण पेट में संक्रमण होना।
  • पेट के अंदर सूजन और जलन की समस्या (जिसे गैस्ट्राइटिस कहा जाता है) बने रहना।
  • धूम्रपान और शराब के सेवन की आदत।
  • पेट में गैर-कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि।
  • कुछ प्रकार के आनुवांशिक सिंड्रोम का पारिवारिक इतिहास जैसे लिंच सिंड्रोम, जूविनायल पॉलीपोसिस सिंड्रोम, प्यूज-जेगर्स सिंड्रोम आदि।
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धूम्रपान से होने वाली समस्याएं - फोटो : freepik.com

पेट के कैंसर से बचने के लिए क्या करें?

लाइफस्टाइल और आहार में सुधार करके आप इस घातक कैंसर के जोखिमों से बचे रह सकते हैं।  

  • खूब फल और सब्जियां- हर दिन अपने आहार में फल और सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। विभिन्न प्रकार के रंगीन फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • आहार में नमक की मात्रा कम करें। 
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं तो ये आदत छोड़ दें। धूम्रपान से पेट के कैंसर और कई अन्य प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • यदि आपके परिवार में किसी को पेट का कैंसर रहा है, तो इससे बचाव को लेकर अपने डॉक्टर की सलाह ले लें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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