कोरोना वायरस को लेकर तमाम तरह के अध्ययन किए जा रहे हैं। लोगों के मन में वायरस को लेकर डर का माहौल इस तरह का है कि इससे जुड़ी हर जानकारी को सही मान लिया जाता है। पिछले दिनों मीडिया में ऐसे ही एक खबर चल रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उनको कोरोना संक्रमण होने का खतरा कम होता है। खास बात यह है कि इस खबर को काउंसिल ऑफ साइंटिफिक और इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के एक सर्वे के हवाले से चलाया जा रहा है।
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फैक्ट चेक: CSIR सर्वे का दावा, धूम्रपान करने वालों को कोरोना संक्रमण का खतरा कम? जानिए क्या है इसकी सच्चाई?
Tue, 27 Apr 2021 02:23 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ अमर, उजाला
हेल्थ अमर, उजाला
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Tue, 27 Apr 2021 02:23 PM IST
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सेहत के खतरनाक है धूम्रपान
- फोटो : Social Media
धूम्रपान से फेफड़े हो जाते हैं कमजोर
- फोटो : Social Media
क्या है दावा
मीडिया रिपोर्टस में सीएसआईआर के एक अध्ययन का हवाला देते हुए दावा किया जा रहा है कि धूम्रपान करने वाले और शाकाहारी लोगों में सेरो-पॉजिटिविटी का स्तर कम होता है। इसके अलावा ओ ब्लड ग्रुप के लोग कोरोना वायरस के प्रति कम संवेदनशील होते है। रिपोर्टस के अनुसार 10,427 लोगों किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों को यह जानने को मिला है।
मीडिया रिपोर्टस में सीएसआईआर के एक अध्ययन का हवाला देते हुए दावा किया जा रहा है कि धूम्रपान करने वाले और शाकाहारी लोगों में सेरो-पॉजिटिविटी का स्तर कम होता है। इसके अलावा ओ ब्लड ग्रुप के लोग कोरोना वायरस के प्रति कम संवेदनशील होते है। रिपोर्टस के अनुसार 10,427 लोगों किए गए अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों को यह जानने को मिला है।
सांस से संबंधित बीमारी है कोविड-19
- फोटो : Social Media
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि कोविड-19 भले ही सांस से संबंधित बीमारी है, लेकिन धूम्रपान करने वाले इससे कुछ हद तक सुरक्षित माने जा सकते हैं। इसके पीछे की वजह यह है कि धूम्रपान के कारण शरीर में बलगम का उत्पादन बढ़ जाता है, जो ऐसे लोगों को कोरोना से सुरक्षा दे सकती है।
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ब्लड ग्रुप और कोविड-19
- फोटो : pixabay
इस सर्वे में यह भी बताया जा रहा है कि ओ ब्लड ग्रुप के लोग इस संक्रमण के प्रति कम संवेदनशील होते हैं, जबकि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप बी और एबी है ऐसे लोगों को संक्रमित होने का खतरा सबसे अधिक रहता है। एबी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में सेरो-पॉजिटिविटी सबसे ज्यादा पाई गई, जबकि ओ ब्लड ग्रुप के लोगों में कोरोना का खतरा कम हो सकता है।
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विशेषज्ञ देते हैं धूम्रपान न करने की सलाह
- फोटो : Pixabay
क्या सीएसआईआर वास्तव में ऐसा दावा कर रहा है?
जब इस बारे में पड़ताल की गई तो पता चला कि सीएसआईआर की ओर से ऐसा कोई भी दावा नहीं किया गया है। इस संबंध में सीएसआईआर ने अपने वेबसाइट पर नोटीफिकेशन डालकर इस बारे में बताया भी है। नोटीफिकेशन में कहा गया है कि ऐसी खबरें चल रही हैं कि धूम्रपान करने वालों और शाकाहारी लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है, जबकि हमारी तरफ से ऐसा कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है।
जब इस बारे में पड़ताल की गई तो पता चला कि सीएसआईआर की ओर से ऐसा कोई भी दावा नहीं किया गया है। इस संबंध में सीएसआईआर ने अपने वेबसाइट पर नोटीफिकेशन डालकर इस बारे में बताया भी है। नोटीफिकेशन में कहा गया है कि ऐसी खबरें चल रही हैं कि धूम्रपान करने वालों और शाकाहारी लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है, जबकि हमारी तरफ से ऐसा कोई प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है।