क्या रात में सोते हुए अचानक आप की नींद खुल जाती है या फिर आप झटके से उठकर बैठ जाते हैं। अगर ऐसा है तो सावधान हो जाइए क्योंकि ज्यादातर ये लक्षण स्लीप एप्निया के होते हैं। इस बीमारी में मरीज की सांस सोते समय अचानक से रुक जाती है और वह झटके से उठकर बैठ जाता है। इस बीमारी की समस्या ये हैं कि मरीज को पता ही नहीं चलता है कि नींद में उसकी सांस रुक गई थी इसलिए वो उठकर बैठ गया है। आइए जानें इस बीमारी से जुड़ी और जानकारी के बारे में।
स्लीप एप्निया क्या होता है
यह एक तरह की सोने की बीमारी है जो कुछ हद तक खर्राटे आने के जैसे होती है। जैसे जिस व्यक्ति को खर्राटे आते हैं उसे पता नहीं होता कि वह नींद मे खर्राटे ले रहा है। उसी तरह से स्लीप एप्निया की बीमारी में मरीज को पता नहीं चलता है कि सोते हुए उसकी सांस रुक गई थी। इस तरह के मरीज बार-बार करवट लेते हैं। नींद में सांस रुकने की समस्या कभी-कभी कुछ सेकेंड से लेकर कुछ मिनट तक भी हो सकती है।
किन लोगों को होता है स्लीप एप्निया
जिन लोगों का वजन सामान्य से ज्यादा होता है उन्हें ये बीमारी होने की संभावना ज्यादा होती है। साथ ही ये कभी-कभी आनुवांशिक या परिवार के किसी दोष के कारण भी हो जाती है। शोध के अनुसार नींद से जुड़ी ये परेशानी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होती है। कुछ बच्चे जिनको टांसिल होता है उनमें भी इस तरह की परेशानी देखी गई है।
क्या है उपचार या बचाव
स्लीप एप्निया के पारंपरिक उपचार के अनुसार रात में सीपीएपी मास्क लगाकर सोना चाहिए। लेकिन कुछ लोग जो इस मास्क को लगाकर नहीं सो पाते हैं। उन लोगों को अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव करना चाहिए। जिसमें सबसे पहला नंबर आता है अपने वजन पर काबू रखना। हर रोज योग करना और साथ ही आधे घंटे की सैर भी शामिल है। सोने की जगह और पॉश्चर बदल सकते हैं। शराब और सिगरेट से दूर रहना चाहिए और अगर तब भी आराम महसूस ना हो तो डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए।