दुनियाभर में कोरोनावायरस के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। देश में कोरोना का यह नया वैरिएंट काफी तेजी से पैर पसार रहा है, अब तक इससे संक्रमित 1431 लोगों की पहचान की जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आशंका है कि जिस गति से ओमिक्रॉन के मामले सामने आ रहे हैं, यह देश में तीसरी लहर का कारण बन भी सकता है। इससे बचाव के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना चाहिए।
कोरोना अलर्ट: नाक और गले के अलावा इस अंगों पर भी देखे जा सकते हैं लक्षण, विशेषज्ञों ने किया सावधान
क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?
दुनियाभर में कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट जंगल की आग की तरह फैल रहा है। रोजाना बढ़ते मामले चिंता बढ़ रहे है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों को कहना है कि संक्रमण के ज्यादा मामलों के लक्षण डेल्टा की तुलना में हल्के हैं, पर इसका मतलब यह नहीं है कि इसे गंभीरता से न लिया जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि जिस तेजी से यह नया वैरिएंट फैल रहा है, उसने दुनियाभर के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है, इसलिए हमें इसके प्रसार को रोकने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
कोरोना के लक्षण
ओमिक्रॉन के बारे में अब तक किए गए अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसके कुछ लक्षण डेल्टा वैरिएंट से मिलते-जुलते हो सकते हैं, जबकि इस वैरिएंट में कुछ अलग लक्षणों के बारे में भी पता चला है। यूके के 'जो कोविड स्टडी' ऐप के अनुसार, इस बार संक्रमण में कुछ लक्षण अलग देखे जा रहे हैं।
- हल्का बुखार
- गले में खराश या खरोंच जैसा दर्द
- नाक बहना, छींक-खांसी आना
- शरीर में बहुत दर्द और थकान
- रात में बहुत पसीना आना।
त्वचा पर भी हो सकते हैं इसके लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य लक्षणों के अलावा ओमिक्रॉन के लक्षण त्वचा पर भी दिखाई दे सकते हैं। कुछ संक्रमितों में त्वचा पर दाने और चकत्तों देखे जा रहे हैं। अध्ययनों से पता चला है कि यह लक्षण सार्स-सीओवी-2 वायरस से उत्पन्न सूजन का संकेत हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड-19 के कारण हाथ और पैर की उंगलियों में भी लक्षण दिख सकते हैं। इससे उंगलियों पर लाल और बैंगनी रंग के धब्बे हो सकते हैं, जिससे दर्द और खुजली की भी समस्या हो सकती है।
लक्षण दिखें तो क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, यदि आपमें कोविड-19 या नए ओमिक्रॉन वैरिएंट से जुड़े कोई भी लक्षण देखते हैं, तो खुद को तुरंत आइसोलेट कर लें और टेस्ट कराएं। यदि टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ भी जाती है तो घबराएं नहीं, नियमित रूप से अपने लक्षणों की निगरानी करते रहें और डॉक्टर द्वारा सुझाए उपायों का पालन करते रहें। यदि संक्रमण के लक्षण बढ़ते हुए दिख रहे हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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