फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chandipura Virus: चांदीपुरा वायरस से 5 दिनों में छह बच्चों की मौत, संक्रमितों में इंसेफेलाइटिस और कोमा का खतरा

Tue, 16 Jul 2024 05:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 16 Jul 2024 05:09 PM IST
विज्ञापन
six children have died from suspected Chandipura virus in Gujarat know its symptoms and prevention
चांदीपुरा वायरस का संक्रमण - फोटो : Freepik

मानसून की शुरुआत होते ही देश के कई राज्यों में मच्छर जनित रोगों के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने ही हुई थे, इसी बीच गुजरात में एक संदिग्ध वायरस ने समस्याओं को दोगुना कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले पांच दिनों में गुजरात में चांदीपुरा वायरस से संक्रमण के कारण छह बच्चों की मौत हो गई है। इसी के साथ संक्रमण के संदिग्ध मामले अब बढ़कर 12 हो गए हैं।



राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने बताया, 12 संदिग्ध मरीजों में से चार साबरकांठा, तीन अरावली और एक-एक महिसागर और खेड़ा से हैं। दो मरीज राजस्थान और एक मध्य प्रदेश से हैं, जिनका इलाज गुजरात में हुआ था। अब तक छह मौतें हुई हैं, लेकिन सैंपल के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का कारण चांदीपुरा वायरस ही था या कुछ और।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हिम्मतनगर के सिविल अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों ने 10 जुलाई को चार बच्चों की मौत के लिए चांदीपुरा वायरस को कारण माना था। बाद में, अस्पताल में चार और बच्चों में इसी तरह के लक्षण दिखे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, चांदीपुरा वायरस संक्रामक नहीं है। हालांकि प्रभावित क्षेत्रों में गहन निगरानी की गई है। 4,487 घरों में 18,646 लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी को फैलने से रोकने के लिए लगातार काम कर रहा है।

six children have died from suspected Chandipura virus in Gujarat know its symptoms and prevention
चांदीपुरा वायरस का खतरा - फोटो : Istock

चांदीपुरा वायरस का संक्रमण

चांदीपुरा वायरस (CHPV), रैबडोविरिडे फैमिली का सदस्य है, ग्रामीण क्षेत्रों में इसके कारण संक्रमण होने का खतरा अधिक देखा जाता है। यह ज्यादातर बच्चों को प्रभावित करता है और शुरुआत में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण उत्पन्न करता है। मच्छरों, टिक्स और कुछ प्रकार की मक्खियों के काटने से इसका संक्रमण फैलता है।

संक्रमण की गंभीर स्थिति में अक्यूट इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क में सूजन) हो सकती है। समय पर उपचार न मिल पाने के कारण रोगी की मौत होने का भी खतरा देखा जाता रहा है। 

six children have died from suspected Chandipura virus in Gujarat know its symptoms and prevention
बच्चों में  इंसेफेलाइटिस का खतरा - फोटो : istock

घातक है ये संक्रामक रोग

चांदीपुरा वायरल संक्रमण के मामले वैसे तो काफी दुर्लभ हैं लेकिन इसके कारण घातक स्थितियां उत्पन्न होने का खतरा रहता है। बुखार, फ्लू जैसे लक्षणों के साथ शुरू होने वाला ये संक्रमण बच्चों में  इंसेफेलाइटिस का कारण बन सकता है। गंभीर स्थितियों में इसके कारण कोमा और यहां तक कि मृत्यु का भी जोखिम रहता है। इस संक्रमण के कारण मृत्यु दर 56 से 75 प्रतिशत तक देखी जाती रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
six children have died from suspected Chandipura virus in Gujarat know its symptoms and prevention
संक्रमण से बचाव के उपाय जरूरी - फोटो : istock

संक्रमण का इलाज और बचाव

चांदीपुरा वायरस का संक्रमण चूंकि काफी दुर्लभ है इसलिए अभी तक इसका कोई उचित इलाज नहीं है। हालांकि संक्रमण का समय पर पता लगने और सहायक उपचार शुरू हो जाने से इसके गंभीर रूप लेने और मस्तिष्क से संबंधित विकारों के खतरे को कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों को इस संक्रामक रोग से सुरक्षित रखने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। प्रभावित क्षेत्रों में खेतों या झाड़ियों में जाने से बचें। मच्छरों, टिक्स और मक्खियों से बचाव करें। संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानना और समय रहते इलाज प्राप्त करना सबसे आवश्यक हो जाता है। 




--------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed