देश के ज्यादातर राज्य इन दिनों भीषण गर्मी-लू का प्रकोप झेल रहे हैं। कई राज्यों में पारा 40 के ऊपर बना हुआ है, मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में नौतपा के कारण तापमान 45 से भी ऊपर जा सकता है। इस तरह की भीषण गर्मी से बचे रहना बहुत जरूरी है। तेज धूप या गर्मी में रहना आपकी सेहत को कई प्रकार से नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है।
Summer Health: 8-10 घंटे एसी में रहते हैं तो जरूर जान लें ये बातें, कहीं बीमार न हो जाएं आप
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एसी हवा में मौजूद नमी को सोख लेती है जिससे वातावरण शुष्क हो जाता है। लगातार इस तरह के वातावरण में रहने से त्वचा-आंखों, सांस सहित कई तरह की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
एसी में लंबे समय तक रहना नुकसानदायक
भीषण गर्मी के दिनों में एसी हमें आरामदायक वातावरण प्रदान करता है, लेकिन अगर आप भी दिनभर एसी में ही रहते हैं तो इसके दुष्प्रभावों को भी जरूर जान लीजिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एसी हवा में मौजूद नमी को सोख लेती है जिससे वातावरण शुष्क हो जाता है। लगातार इस तरह के वातावरण में रहने से त्वचा-आंखों, सांस सहित कई तरह की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों को पहले से ही इससे संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हैं उनके लिए एसी का अधिक इस्तेमाल और भी दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है।
त्वचा और आंखों के लिए नुकसानदायक
गर्मी के दिनों में एसी आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में जरूर सहायक है, पर एसी में लंबे समय तक रहने के कारण त्वचा और आंखों से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं।
एसी के कारण वातावरण में हुई शुष्की के कारण त्वचा और आंखों में ड्राइनेस का खतरा बढ़ सकता है। जर्नल ऑफ इंन्वायरमेंटल हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, एसी वाले स्थान या शुष्क वातावरण में लगातार रहने से त्वचा की नमी में 30-40% की कमी आ सकती है।
अक्सर एसी में ही रहने वालों को त्वचा में खुजली-जलन, आंखों में जलन और सूखापन (ड्राई आइज की दिक्कत) हो सकती है।
सिरदर्द और सांस की समस्या
ठंडी और कृत्रिम हवा से शरीर की प्राकृतिक तापमान-संतुलन प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे रक्तसंचार धीमा हो सकता है और सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है। जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की दिक्कत रही है, अगर वो ज्यादा समय तक एसी में रहते हैं तो इससे माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है।
इसके अलावा एसी में ज्यादा देर तक रहना, शुष्क वातावरण के कारण सांस की समस्याओं जैसे अस्थमा-ब्रोंकाइटिस को ट्रिगर कर सकती है। अगर एसी की नियमित सफाई न हो तो उसमें फफूंदी, धूल और बैक्टीरिया पनप सकते हैं जो सांस की दिक्कतें बढ़ा देते हैं।
कुछ सावधानियां जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एसी में लंबे समय तक रहने से जोड़ों और मांसपेशियों में जकड़न बढ़ने का भी खतरा रहता है। इसके अलावा लगातार कृत्रिम वातावरण में रहने से शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र कमजोर होता है, जिससे इम्यून सिस्टम पर असर पड़ता है। अगर गर्मी से बचे रहने के लिए आप एसी में रह रहे हैं तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें।
- कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
- एलोवेरा प्लांट रखें जो नमी बनाए रखने में मदद करता है।
- AC का आदर्श तापमान 24-26°C होना चाहिए।
- हर 1-2 घंटे में ब्रेक लें, बाहर निकलें या कम से कम कमरे की खिड़की खोलें।
- एसी की की नियमित सफाई कराएं।
- इसके अलावा दिनभर खूब पानी पिएं। डिहाइड्रेशन आपकी समस्याओं को और बढ़ाने वाली हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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