कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दुनियाभर के वैज्ञानिक इसका इलाज ढूंढने में लगे हैं। एक तरफ वैक्सीन को लेकर कामयाबी मिलती दिख रही है तो दूसरी ओर इसकी दवाओं के तौर पर भी विकल्प मौजूद हैं। वैक्सीन और दवाओं के अलावा अलग तरह की थेरेपी वगैरह पर भी काम हो रहे हैं। वहीं, अब शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस का ही डुप्लिकेट तैयार किया है। यह नकली कोरोना वायरस की तरह है और इसकी खास बात यह है कि ये नकली वायरस महामारी नहीं फैलाएगा, बल्कि इसे रोकने में मदद करेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह आखिर कैसे काम करेगा:
{"_id":"5f1a920b8ebc3e63d12892fd","slug":"scientist-make-duplicate-coronavirus-in-lab-this-dummy-corona-virus-to-help-covid-19-treatment-by-develop-antibody","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus Duplicate: शोधकर्ताओं ने बनाया 'नकली' कोरोना वायरस, महामारी फैलाएगा नहीं बल्कि ऐसे रोकेगा","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus Duplicate: शोधकर्ताओं ने बनाया 'नकली' कोरोना वायरस, महामारी फैलाएगा नहीं बल्कि ऐसे रोकेगा
Fri, 24 Jul 2020 01:55 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2020 01:55 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- दरअसल, अमेरिकी शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में जेनेटिकली बदलाव करके सिर्फ प्रोटीन से ऐसा वायरस बनाया है जो कोरोना की तरह दिखता है। यह काफी हल्का है और यह कोरोना महामारी नहीं फैलाता। इस नकली वायरस में 'इंसानों में कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडी पैदा करने' की क्षमता है। बताया जा रहा है कि इस वायरस का इस्तेमाल दुनियाभर में दवाओं और वैक्सीन की जांच के लिए हो सकेगा।
कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
- इस वायरस को वेसिकुलर स्टोमेटाइटिस वायरस (VSV) नाम दिया गया है। इसे वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने तैयार किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह वायरस स्वस्थ कोशिकाओं को संक्रमित करता है तो शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी इसे टारगेट करती है, ठीक उसी तरह, जिस तरह कोरोना के मामले में होता है। इस वायरस के जरिए शरीर में एंटीबॉडीज को कोरोना से लड़ने के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
coronavirus
- फोटो : Pixabay
कैसे तैयार किया गया वीएसवी
- शोधकर्ताओं ने नए वायरस वीएसवी के बाहरी प्रोटीन को हटाकर इस पर कोरोना वायरस का स्पाइक प्रोटीन लगाया और इस तरह कोरोना(SARS-CoV-2) का डुप्लीकेट मॉडल (VSV-SARS-CoV-2) तैयार किया। नए वायरस में सिर्फ कोरोना के प्रोटीन का इस्तेमाल किया गया है। सुरक्षा के लिए इसमें बीमारी को घातक बनाने वाला जीन नहीं डाला गया है।
विज्ञापन
Coronavirus
- फोटो : Pixabay
- शोधकर्ताओं ने कोरोना सर्वाइवर के शरीर से सीरम लेकर उससे एंटीबॉडीज को अलग किया। बाद में इसका प्रयोगशाला में बने वायरस पर इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने परिणाम के तौर पर पाया कि मरीज की एंटीबॉडीज ने इस नए वायरस की पहचान की और उसे ब्लॉक कर दिया।