फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

किन बीमारियों से जूझ रहे थे ऋषि कपूर, क्यों करवाया था बोन मैरो ट्रांसप्लांट?

Fri, 01 May 2020 03:10 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Fri, 01 May 2020 03:10 PM IST
विज्ञापन
Rishi Kapoor Death he was suffering Cancer Disease Bone Marrow Treatment Leukaemia cause and symtopms
ऋषि कपूर अब हमारे बीच नहीं हैं - फोटो : Social Media

अपने अभिनय से लोगों के दिलों में राज करने वाले ऋषि कपूर अब हमारे बीच नहीं हैं। 30 अप्रैल की सुबह उनका निधन हो गया। दो साल से वह कैंसर से जूझ रहे थे। अमेरिका के न्यूयॉर्क में करीब एक साल तक रह कर उन्होंने अपना बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाया और देश लौटे। खबरों के मुताबिक उनकी मौत ल्यूकीमिया के कारण हुई। उनमें मल्टीपल माइलोमा के भी लक्षण थे। यह एक तरह का ब्लड कैंसर है जो बोन मैरो में पनपता है। मल्टीपल माइलोमा या बोन मैरो कैंसर का खतरा आमतौर पर सामान्य से अधिक वजन वाले लोगों को होता है। खासकर 50 की उम्र के बाद इसका खतरा अधिक रहता है। आइए, जानते हैं इन बीमारियों के बारे में विस्तार से। 

Rishi Kapoor Death he was suffering Cancer Disease Bone Marrow Treatment Leukaemia cause and symtopms
प्रतीकात्मक तस्वीर

क्या आप जानते हैं कि बोन मैरो क्या होता है?
बोन मैरो हमारी हड्डियों के अंदर एक ऐसा हिस्सा होता है, जिसमें इम्यून सेल्स समेत शरीर की ज्यादातर कोशिकाएं बनती है। बोन मैरो मुलायम ऊतकों के रूप में होता है और हमारे ब्लड में लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के रूप में शामिल होते हैं।

Rishi Kapoor Death he was suffering Cancer Disease Bone Marrow Treatment Leukaemia cause and symtopms
ऋषि कपूर - फोटो : अमर उजाला

ऋषि कपूर को भूख न लगने की भी शिकायत थी। ऐसा मल्टीपल माइलोमा की स्थिति में भी होता है। माइलोमा एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिका होती हैं, जो बोन मैरो में पाई जाती हैं। खबरों के मुताबिक ऋषि कपूर की मृत्यु ल्यूकीमिया के कारण हुई है, जिसमें व्यक्ति के शरीर में असामान्य तरीके से श्वेत रक्त कोशिकाओं का उत्पादन होता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एके केजरीवाल के मुताबिक, इस स्थिति में व्यक्ति का शरीर  संक्रमण से नहीं लड़ पाता है। इसके साथ ही शरीर की हड्डियों में दर्द रहता है। कैंसर के कारण भी हड्डियां कमजोर हो जाती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Rishi Kapoor Death he was suffering Cancer Disease Bone Marrow Treatment Leukaemia cause and symtopms

माइलोमा सेल्स का कुछ हिस्सा जब कैंसर का रूप धारण कर लेता है और लगातार बढ़ने लगता है तो इसे मल्टीपल माइलोमा या बोन मैरो में पनपने वाला ब्लड कैंसर कहा जाता है। यह हड्डियों को खोखला बनाने के साथ ही धीरे-धीरे व्यक्ति की किडनी और पाचनतंत्र को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। मल्टीपल माइलोमा का इलाज दवाओं के अलावा कीमोथेरपी, कोर्टिकोस्टेरोइड, रेडिएशन और स्टेम सेल प्लेसमेंट के जरिए भी किया जाता है।

विज्ञापन
Rishi Kapoor Death he was suffering Cancer Disease Bone Marrow Treatment Leukaemia cause and symtopms

बोन मैरो ट्रांसप्लांट की जरूरत
शरीर में जब मल्टीपल माइलोमा फैलने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधी क्षमता तेजी से कम होने लगती है। इस समस्या के इलाज और कैंसर की बढ़ती कोशिकाओं को खत्म करने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज के शरीर में स्टेम सेल्स का प्रत्यारोपण किया जाता है, जो कि नई रक्त कोशिकाएं बनाती है और प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाती है। शरीर की हड्डियों के अंदर पाया जानेवाला बोन मैरो को स्वस्थ रखे बिना शरीर को स्वस्थ रखना नामुमकिन है। इसके संक्रमित होने की स्थिति में ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed