शरीर के फिटनेस और बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करते रहने की सलाह दी जाती है। दैनिक रूप से पौष्टिक आहार का सेवन करके आप शरीर के लिए जरूरी तत्वों की पूर्ति कर सकते हैं। प्रोटीन ऐसा ही एक अतिआवश्यक तत्व है जो न सिर्फ मांसपेशियों के निर्माण और इसकी मजबूती में सहायक है, साथ ही ये कई प्रकार की बीमारियों से बचाने में लाभकारी हो सकता है। शाकाहारी और प्लांट बेस्ड कई चीजों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन की मौजूदगी होती है।
Protein Deficiency: क्या प्रोटीन की कमी से भी हो सकता है बीमारियों का खतरा? इन जोखिमों के बारे में जानना जरूरी
कितनी प्रोटीन है जरूरी?
अध्ययनकर्ता बताते हैं, वयस्कों को प्रतिदिन शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, जिस व्यक्ति का वजन 75 किलोग्राम है, उसे प्रतिदिन 60 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिए। प्रोटीन की कमी की स्थिति में शरीर की संरचना में बदलाव होने लग जाता है। अगर इसमें सुधार नहीं होता है तो ये लिवर की बीमारी, हड्डियों की समस्या और बच्चों के विकास को भी प्रभावित कर सकती है।
बच्चों का विकास हो सकता है प्रभावित
प्रोटीन न केवल मांसपेशियों-हड्डियों के निर्माण और मजबूती के लिए आवश्यक है, साथ ही ये शरीर के विकास को भी बढ़ावा देने के लिए जरूरी है। प्रोटीन की कमी या अपर्याप्तता बच्चों के लिए कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के साथ उनके सामान्य विकास को भी प्रभावित करने वालr हो सकतr है। प्रोटीन की कमी से बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी प्रभावित हो सकता है, आहार में इसकी मात्रा जरूर सुनिश्चित करें।
संक्रमण और इसके गंभीर रूप लेने का खतरा
प्रोटीन की कमी का असर प्रतिरक्षा प्रणाली पर भी पड़ सकता है। गंभीर स्थितियों में इसकी कमी के कारण संक्रमण का जोखिम और इसके गंभीर रूप लेने का भी खतरा हो सकता है। पशुओं पर किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि केवल 2% प्रोटीन वाले आहार की तुलना में 18% प्रोटीन लेने वाले वाले पशुओं में संक्रामक रोग होने का जोखिम अधिक होता है।
महिलाओं पर किए गए एक छोटे अध्ययन से पता चला है कि नौ सप्ताह तक लो प्रोटीन वाला आहार लेने से उनकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया काफी कम हो गई।
फैटी लिवर का हो सकता है खतरा
शरीर में प्रोटीन की कमी होने का असर लिवर की सेहत को भी प्रभावित करने वाला हो सकता है। ये आपमें फैटी लिवर की समस्या का कारण बन सकती है। फैटी लिवर, यकृत में वसा जमने के कारण होने वाली बीमारी है। उपचार न होने की स्थिति में फैटी लीवर रोग लिवर में सूजन, सिरोसिस और गंभीर स्थितियों में लिवर फेलियर का भी खतरा बढ़ा देती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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