थकान-कमजोरी होना काफी सामान्य है, ज्यादा काम-तनाव या कुछ प्रकार की बीमारियों के कारण आपको ये दिक्कत हो सकती है, हालांकि ये अपने आप ठीक भी हो जाती है। पर अगर आपको अक्सर थकान-कमजोरी बनी रहती है तो इसपर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोस्टेट कैंसर की समस्या के शिकार लोगों में भी थकान-कमजोरी की दिक्कत होने का जोखिम देखा जाता रहा है।
Cancer Symptoms: अक्सर बनी रहने वाली थकान-कमजोरी को न लें हल्के में, ये प्रोस्टेट कैंसर का हो सकता है संकेत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थकान-कमजोरी की समस्या
प्रोस्टेट कैंसर वाले लोगों में भिन्न-भिन्न लक्षण हो सकते हैं। अधिकांश पुरुषों में इसके लक्षण बिल्कुल नहीं नजर आते। इसके ज्यादातर लक्षण पेशाब और मूत्राशय की समस्याओं से संबंधित हो सकते हैं। हालांकि इसके अन्य समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। प्रोस्टेट कैंसर के अन्य लक्षणों के साथ आपको अक्सर कमजोरी-थकान बनी रहने की भी दिक्कत हो सकती है।
इस कैंसर के अन्य लक्षणों के बारे में भी जानना जरूरी है।
मूत्र या वीर्य से रक्त आना
पुरुषों में मूत्र या वीर्य से रक्त आना प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसा होने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। प्रोस्टेट कैंसर के मामले में, ट्यूमर बड़ा होकर प्रजनन प्रणाली और मूत्रमार्ग पर दबाव डालना शुरू कर देता है। ट्यूमर के इस दबाव के कारण, प्रजनन प्रणाली अवरुद्ध हो सकती है। इससे मूत्र या वीर्य में रक्त आने लगता है।
वजन कम होना
यदि आपका वजन भी बिना किसी स्पष्ट कारण के कम होता जा रहा है तो इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। वजन कम होना प्रोस्टेट कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। प्रोस्टेट कैंसर के सीवियर स्टेज में आपके शरीर के ऊर्जा उपयोग के तरीके में बदलाव होने लगती है जिसके कारण वजन घटने की समस्या हो सकती है। अगर आपका भी वजन बिना किसी प्रयास के घट रहा है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।