स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हालिया रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर समय पर पहले बच्चों के जन्म को लेकर चिंता जताई है। प्री-टर्म बर्थ यानी 37 सप्ताह से पहले बच्चे का जन्म कई प्रकार की शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि इससे बच्चे के साथ मां की सेहत को भी नुकसान पहुंचता है। यूएस सहित दुनिया के कई देशों में इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।
Study: बढ़ रहे हैं प्री-टर्म बर्थ के मामले, मां-बच्चे दोनों को खतरा, इन कारणों को पाया गया जिम्मेदार
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अध्ययन में क्या पता चला?
इस सप्ताह जारी की गई रिपोर्ट में शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि श्वेत और अश्वेत, दोनों प्रकार की महिलाओं से जन्म लेने वाले बच्चों में यह समस्या देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने पाया कि समय से पहले प्रसव से संबंधित कारणों के चलते अश्वेत गर्भवती की मृत्यु होने का खतरा तीन फीसदी अधिक पाया गया। विशेषज्ञों ने समय से पहले जन्म और इसकी जटिलताओं के लिए कई स्थितियों को प्रमुख कारण के तौर पर पाया गया है।
एशियाई देशों में बढ़ रहा है जोखिम
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि एशियाई और प्रशांतद्वीप वाली माताओं से समय से पहले बच्चे के जन्म के मामले भी बढ़े हैं। शोध की रिपोर्ट के मुताबिक कोविड महामारी को भी इसके लिए एक संभावित कारण के तौर पर देखा जा रहा है। महामारी के दौरान प्रसवपूर्व देखभाल में कमी आई, लोगों के लिए समय रहते इलाज प्राप्त कर पाना कठिन हो रहा था, जो गर्भवती की सेहत के लिहाजे से चुनौतीपूर्ण स्थिति मानी जा सकती है।
क्या हैं इस समस्या को बढ़ाने वाले कारक?
विशेषज्ञों ने पाया कि 37 सप्ताह पहले ही जन्म के बढ़ते मामलों के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, इसमें कोविड महामारी के दौरान बढ़ी स्वास्थ्य जटिलताओं के साथ मां की उम्र भी एक कारक हो सकता है। इसके अलावा यदि गर्भवती किसी चिकित्सीय स्थिति की शिकार है या इससे पहले भी वह बच्चे को जन्म दे चुकी है तो इन स्थितियों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ये स्थितियां प्री-टर्म बर्थ का कारण हो सकती हैं।
प्री-टर्म बर्थ के नुकसान
शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि समय से पहले प्रसव पीड़ा होना बच्चे के जन्म से संबंधित कई प्रकार की जटिलताओं का कारण बन सकती है। यह प्रसव के दौरान मृत्यु के जोखिमों को भी बढ़ाने वाली स्थिति हो सकती है। मां के साथ बच्चे के लिए भी समय से पहले जन्म की स्थति को जटिलताओं वाला माना जाता है, इसमें जन्म के समय कम वजन की समस्या, सांस लेने में कठिनाई, अविकसित अंग और दृष्टि संबंधी विकारों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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स्रोत और संदर्भ
2022 MARCH OF DIMES REPORT CARD
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