Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
कोरोना हर तरह से लोगों के लिए परेशानी ही खड़ी कर रहा है। अगर लोग संक्रमित हुए तो उसकी वजह से कई तरह की समस्याएं हो रही हैं और अगर ठीक हो गए, तो भी मरीज में नई समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इनमें बालों का झड़ना भी शामिल है। बाल झड़ना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में मरीजों के बाल झड़ने की शिकायतों में 100 फीसदी की वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि खाने-पीने की आदतों में बदलाव, संक्रमण के दौरान बुखार, चिंता, अचानक होने वाले हार्मोनल बदलाव और कोविड की दवाइयों से होने वाली जटिलताएं अस्थायी रूप से बालों के झड़ने के प्रमुख कारण हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि इन समस्याओं पर समय रहते ध्यान दिया जाए, ताकि आगे ये गंभीर स्थिति में न पहुंच जाएं।
पोस्ट कोविड का असर: कोरोना से ठीक हुए मरीजों को हो रही ये नई समस्या, इन छह बातों का रखें ध्यान
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विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर पांच से छह हफ्ते लगातार हेयरफॉल हो यानी बाल टूट कर गिरते रहें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर कुछ खास शैंपू के बाल धोने और तेल से मसाज करने के साथ ही चौड़े दांत वाले कंघे से बालों को संवारने की सलाह दे सकते हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों को पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने को कहा जाता है। विटामिन-डी और बी-12 की कमी भी बाल झड़ने की बड़ी वजह हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि डाइट में इन विटामिन को भी शामिल करें।
बाल झड़ने की समस्या रोकने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- तनाव लेने से बचें
- केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट से दूर रहें
- बालों की स्टाइलिंग के लिए हीट का इस्तेमाल न करें
- रोजाना योग व ध्यान का अभ्यास करें
- प्रोटीन, विटामिन-डी और बी-12 से भरपूर डाइट लें
- ब्लड टेस्ट से शरीर में पोषक तत्वों की कमी जांचें और कमी को दूर करें
झड़ते बालों की वजह शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है। दरअसल, पानी से बालों की जड़ों तक जरूरी विटामिन पहुंचते हैं। यह बालों की कोशिकाओं के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। इसलिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं, ताकि शरीर में इसकी कमी न हो, क्योंकि पानी की कमी से और भी कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।