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किडनी हेल्थ: पेशाब में बार-बार झाग दिखना कहीं किडनी की बीमारी का संकेत तो नहीं? कब हो जाएं अलर्ट

Thu, 22 Oct 2026 07:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 22 Oct 2026 07:53 PM IST
सार

पेशाब में कभी-कभार झाग दिखना सामान्य हो सकता है, लेकिन बार-बार झाग बनने पर पेशाब में प्रोटीन की जांच कराना जरूरी है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी रोग के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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Persistent Foamy Urine know Causes and Warning Signs Kidney Disease problems
पेशाब में झाग की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI

हमारा शरीर लगातार संकेत देता रहता है कि अंदर सबकुछ ठीक चल रहा है या नहीं? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को शरीर के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। आंख, जीभ हो या फिर पेशाब, इनमें दिखने वाले बदलावों के जरिए सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेशाब में दिखने वाले बदलावों की मदद से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। यही कारण है कि हेल्थ चेकअप के दौरान डॉक्टर यूरिन टेस्ट कराने की भी सलाह देते हैं। 

पेशाब करते समय कभी-कभी झाग दिखना सामान्य हो सकता है। तेज धार से पेशाब करने, शरीर में पानी की कमी या टॉयलेट क्लीनर के कारण भी झाग बन सकता है। लेकिन अगर पेशाब में बार-बार झाग बनता है और लंबे समय तक बना रहता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि ये समस्या क्यों होती है और कब आपको अलर्ट हो जाना चाहिए।

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पेशाब में झाग आने की समस्या - फोटो : Freepik.com

पेशाब में झाग बनना

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेशाब में झाग आना मुख्यरूप से पेशाब में प्रोटीन की अधिक का संकेत हो सकता है, ये किडनी की समस्या का संकेत मानी जाती है। अगर पेशाब में लगातार झाग बनने की समस्या बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
 

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, तेज धार से पेशाब करने पर बुलबुले और झाग दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी से पेशाब गाढ़ा होने, टॉयलेट क्लीनर या अन्य रसायनों के कारण झाग दिखने लगता है।
  • पेशाब में प्रोटीन लीक होने के कारण भी ये समस्या बढ़ जाती है। यदि झाग कभी-कभार दिखाई देता है और कोई अन्य परेशानी नहीं है, तो आमतौर पर चिंता की जरूरत नहीं होती। 
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किडनी की समस्याओं का खतरा - फोटो : Freepik.com

किडनी की बीमारी में झाग क्यों बनता है?

किडनी में मौजूद छोटे फिल्टर (ग्लोमेरुली) खून से अपशिष्ट पदार्थों को लगातार छानते रहते हैं। सामान्य स्थिति में ये एल्ब्यूमिन जैसे जरूरी प्रोटीन को खून में बनाए रखते हैं। फिल्टर में अगर किसी तरह की दिक्कत हो जाए तो प्रोटीन पेशाब में आने लग सकता है। इसे प्रोटीन्यूरिया या एल्ब्यूमिन्यूरिया कहा जाता है।
 

  • डायबिटीज, लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, ग्लोमेरुलर बीमारियों के अलावा कुछ प्रकार की किडनी की बीमारियों के कारण पेशाब में बदलाव और झाग की समस्या हो सकती है। इन संकतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
  • यदि पेशाब में लगातार झाग के साथ पैरों, टखनों या आंखों के आसपास सूजन, पेशाब में खून आने, असामान्य थकान या पेशाब की मात्रा कम होने जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को किडनी की बीमारी रही हो उन्हें नियमित रूप से जांच कराते रहना चाहिए।
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पेशाब की जांच - फोटो : Freepik.com

पेशाब में झाग हो तो क्या उपाय करें?

पेशाब में झाग बनना कभी-कभी सामान्य हो सकता है लेकिन यदि बार-बार झाग बने और लंबे समय तक बनी रहे, तो ये किडनी से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। इस तरह की समस्याओं में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
 

  • दिनभर नियमित रूप से पानी पिएं, इससे अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है।
  • झाग लगातार बने रहने पर डॉक्टर की सलाह पर यूरिन रूटीन और यूरिन एल्ब्यूमिन-क्रिएटिनिन रेशियो टेस्ट कराएं।
  •  ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करें। इनका बढ़ना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

ोअस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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