Medically Reviewed by Dr. Sanjeev Shukla
डॉ संजीव शुक्ला
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट एंड डायबिटोलॉजिस्ट, ग्लोबल हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी मेडिसिन
अनुभव- 16 वर्ष
कोरोना महामारी के दौरान लोग मानसिक रूप से भी अस्वस्थ हो चुके हैं। तनाव के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है जिस वजह से शरीर अन्य दूसरी बीमारियों का शिकार हो रहा है। बहुत जरूरी है कि सात घंटे की नींद जरूर लें ताकि आप शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रह सकें। नींद पूरी न होने पर चर्बी तो बढ़ती ही है, साथ ही ब्लड शुगर का स्तर भी अनियंत्रित हो जाता है। खराब नींद का प्रभाव हमारे काम, मन और एकाग्रता पर भी दिखाई देता है लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह बिल्कुल उचित नहीं है। इससे व्यक्ति बड़ी बीमारियों का शिकार हो सकता है और मोटापे जैसी समस्या पर भी काबू नहीं रहता है। अगली स्लाइड्स से जानते हैं कि किस प्रकार नींद की कमी इंसान के लिए हानिकारक हो सकती है।
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शुगर के बढ़ने का कारण बनता है
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तनाव होने पर चॉकलेट खाने का होता है मन
चिकित्सक के अनुसार, तनाव और अनिद्रा से शरीर के हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं जिसका प्रभाव हमारे शरीर पर इस तरह पड़ता है कि ब्लड शुगर और चर्बी, दोनों बढ़ने लगती है। तनाव की स्थिति में चॉकलेट, बिस्किट जैसे वसा और शुगर वाली (ज्यादा कैलोरी वाली) चीजें खाने का बहुत मन होता है और यही आगे चलकर मोटापे और शुगर के बढ़ने का कारण बनता है।
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ब्रिटेन में 1.4 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति में हैं
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डायबिटीज का है खतरा
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के डॉ. माइकल मोस्ले के मुताबिक, ब्रिटेन में 1.4 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति में हैं। ब्रिटेन और अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों में लॉकडाउन के चलते लोगों का वजन काफी बढ़ रहा है। डॉ. मोस्ले के मुताबिक यदि शरीर के निचले हिस्से का मोटापा तेजी से बढ़ रहा है तो आप डायबिटीज के रिस्क जोन में हैं।
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मीठा खाने की भी इच्छा होती है
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केक के टुकड़े से ज्यादा कैलोरी लेने लगते हैं
किंग्स कॉलेज लंदन की ताजा स्टडी में दावा किया गया है कि अनिद्रा से परेशान लोग रोजाना औसत 385 कैलोरी (केक के बड़े टुकडे़ के बराबर) ज्यादा खाते हैं। थकान होने पर भूख से जुड़े हार्मोन और इससे जुड़े मस्तिष्क के क्षेत्र भी सक्रिय हो जाते हैं। यदि हम ठीक तरह से नींद नहीं लेते हैं तो हमारे हार्मोन में बदलाव होते हैं, जिससे हर समय पेट खाली लगता है और मीठा खाने की भी इच्छा होती है। लोग चिप्स,चॉकलेट जैसी चीजें ज्यादा खाने लगते हैं, जिससे कि पेट के आसपास वसा जमा होने लगता है और दिल की बीमारी और स्ट्रोक होने का खतरा रहता है।
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आहार के साथ बहुत आवश्यक है कि पर्याप्त नींद भी ली जाए
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कॉर्टिसोल बढ़ाने लगता है शुगर
चिकित्सक बताते हैं कि कम नींद लेने से वजन को कम करना बहुत मुश्किल हो जाता है। तनाव से जुड़ा हार्मोन कॉर्टिसोल शुगर के स्तर को बढ़ाने लगता है। बढ़ा हुआ कार्टिसोल मांसपेशियों और टिशू को इंसुलिन प्रतिरोधी बना देता है। लिवर की सेहत के लिए भी यह ठीक नहीं है। वर्तमान में शरीर को यदि स्वस्थ रखना है तो अच्छे आहार के साथ बहुत आवश्यक है कि पर्याप्त नींद भी ली जाए।
नोट- यह लेख ग्लोबल हॉस्पिटल, लखनऊ के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट एवं डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर संजीव शुक्ला से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर संजीव शुक्ला पिछले 16 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एस.जी.पी.आई, लखनऊ से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।