दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर की रफ्तार भले ही कम पड़ गई हो लेकिन लॉन्ग कोविड के रूप में इसके साइड-इफेक्ट्स अब भी लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। माना जाता रहा है कि लॉन्ग कोविड समस्याओं के रूप में लोगों को गंभीर थकान, कमजोरी और पैरों में दर्द जैसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है। पर हालिया अध्ययन ने स्वास्थ्य संगठनों के सामने नई चुनौती लाकर खड़ी कर दी है।
अध्ययन: एक-दो नहीं लॉन्ग कोविड के हो सकते हैं 200 से अधिक लक्षण, यौन रोगों के भी मामले आए सामने
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क्या हो सकते हैं लॉन्ग कोविड के लक्षण?
लैंसेट जर्नल ईक्लिनिकल मेडिसिन में गुरुवार को प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कोरोना से ठीक हो चुके रोगियों में लॉन्ग कोविड के 200 से अधिक प्रकार के लक्षण हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में 56 देशों के 3,762 प्रतिभागियों पर यह अध्ययन किया गया। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड के कारण लोगों में सामान्य रूप से थकान और कमजोरी के साथ कंपकंपी और कानों के बजने की समस्या हो सकती है। वहीं कुछ रोगियों को त्वचा में खुजली, मासिक धर्म चक्र में बदलाव, यौन रोग, दिल की धड़कन में अनियमितता, याददाश्त की कमी, धुंधला दिखाई देने और दस्त की समस्या भी हो सकती है।
छह महीनों तक बने रह सकते हैं लक्षण
अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने एक वेब-आधारित सर्वेक्षण किया। इसमें पता चला कि लॉन्ग कोविड के ज्यादातर लक्षण शरीर के 10 अंगों से संबंधित हो सकते हैं, इनमें से कई लक्षण 6 महीने से अधिक समय तक भी लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। 3,762 में से 2454 प्रतिभागियों ने बताया कि उनमें लॉन्ग कोविड के लक्षण करीब 6 महीने से बने हुए हैं। कुछ लोगों में यह लक्षण साल से डेढ़ साल तक भी बने रह सकते हैं।
लॉन्ग कोविड के विस्तृत दायरे को ध्यान में रखें चिकित्सक
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में न्यूरोसाइंटिस्ट और अध्ययन की वरिष्ठ लेखक एथेना अक्रमी बताती हैं, यह अध्ययन कई मामलों में काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। आमतौर पर अबतक लॉन्ग कोविड से जोड़कर सिर्फ एक-दो अंगों से संबंधित लक्षणों का इलाज किया जा रहा था। सभी डॉक्टरों को अब कोविड से ठीक हो चुके रोगियों में लॉन्ग कोविड के विस्तृत दायरे को ध्यान में रखकर इलाज करने की आवश्यकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि लॉन्ग कोविड के इलाज के लिए न्यूरोसाइकिएट्रिक, न्यूरोलॉजिकल और अन्य स्थितियों से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल करने की आवश्यकता है।
रोगियों में लॉन्ग कोविड की कई स्तरों पर जांच करें
प्रोफेसर एथेना अक्रमी बताती हैं, कोविड से ठीक हो चुके कई रोगियों में डेढ़ साल के बाद भी लॉन्ग कोविड के लक्षण देखे जा रहे हैं। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि दुनियाभर में कई हजारों लोग ऐसे होंगे जिनमें लॉन्ग कोविड के लक्षण तो होंगे पर उनकी पहचान नहीं की जा सकी है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है लोगों में कई प्रकार के नए लक्षण देखने को मिल रहे हैं। स्वास्थ्य संगठनों को इस बारे में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है, ऐसा न हो कि लोगों में लॉन्ग कोविड के यह लक्षण भविष्य में गंभीर दिक्कतों का कारण बन जाएं।
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स्रोत और संदर्भ:
Characterizing long COVID in an international cohort: 7 months of symptoms and their impact
अस्वीकरण नोट: यह लेख लैंसेट जर्नल के ईक्लिनिकल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।