क्या आप भी शरीर में हल्का सा भी दर्द होने पर तुरंत पेनकिलर ले लेते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए इससे आपकी सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है। अब तक के कई अध्ययनों में स्वास्थ्य विशेषज्ञ आगाह करते रहे हैं कि ज्यादा पेनकिलर लेने से दीर्घकालिक रूप में किडनी और लिवर जैसे अंगों के क्षति की समस्या हो सकती है।
Health Alert: दर्द निवारक दवाएं आपके लिए कहीं हो न जाएं जानलेवा, हार्ट के मरीज हैं तो बरतें विशेष सावधानी
अगर आप बार-बार ओवर-द-काउंटर एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सन जैसी दवाओं का सेवन करते रहते हैं तो इसके गंभीर नुकसान हो सकते हैं। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अलर्ट किया है।
किडनी डैमेज का रहता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, अगर आप बार-बार ओवर-द-काउंटर एसिटामिनोफेन, एस्पिरिन, इबुप्रोफेन और नेप्रोक्सन जैसी दवाओं का सेवन करते रहते हैं तो इसके कारण भविष्य में आपको किडनी डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसे मेडिकल की भाषा में एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है।
जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट में बताया कि दर्द निवारक दवाएं जिनमें दो या उससे ज्यादा सॉल्ट (जैसे एस्पिरिन और एसिटामिनोफेन) हैं, अगर आप लंबे समय तक इसे लेते रहते हैं तो इसके कारण आपमें किडनी डैमेज होने का खतरा काफी बढ़ सकता है।
हो सकता है आंतरिक रक्तस्राव
यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि जो लोग पहले से ही खून को पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, अगर वह बिना डॉक्टरी सलाह के अक्सर इबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन जैसी गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं (NSAID) भी लेते रहते हैं तो उनमें आंतरिक रक्तस्राव का जोखिम दोगुना हो सकता है। इन दवाओं को दर्द निवारक के रूप में जाना जाता है।
आमतौर पर स्ट्रोक, दिल के दौरे या पैरों-फेफड़ों में रक्त के थक्कों के इलाज या रोकथाम के लिए ब्लड थिनर दवाएं दी जाती हैं।
हार्ट के मरीज बरतें विशेष सावधानी
डॉक्टर कहते हैं, ब्लड थिनर का सबसे ज्यादा उपयोग हार्ट के मरीज करते हैं, क्योंकि इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा NSAID दवाओं में भी रक्त को पतला करने वाले गुण होते हैं, ऐसे में इन दोनों के संयोजन के कारण आंत, मस्तिष्क, फेफड़े और मूत्राशय में अनियंत्रित रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर रक्तस्राव की समस्या का समय पर निदान न हो पाए या फिर इसका उचित इलाज न मिले तो इसके कारण जान जाने का भी खतरा हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह की दवा लेने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
क्या है डॉक्टर की सलाह?
अमर उजाला से बातचीत में नोएडा स्थित एक अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव कहते हैं, हल्का सा सिरदर्द या बदन दर्द होने पर हम सभी ओवर द काउंटर दर्द निवारक दवाएं लाकर खा लेते हैं। इनसे आपको फौरी तौर पर आराम तो मिल जाता है, पर दीर्घकालिक रूप में ये काफी हानिकारक है। विशेषतौर पर यदि आप अक्सर या लंबे समय तक ये दवाएं लेते रहते हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा के सेवन से बचा जाना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Risk of internal bleeding doubles when people on anticoagulants take NSAID painkiller
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