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World Innovation Day: अब सेल थेरेपी से कोरोना के इलाज का दावा, इन दो देशों में हुआ प्रयोग

Tue, 21 Apr 2020 05:03 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Tue, 21 Apr 2020 05:03 PM IST
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World Innovation Day 2020: Now Cell therapy claims for Coronavirus treatment, results Positive
सांकेतिक तस्वीर

चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस का संक्रमण दुनियाभर में बढ़ता ही जा रहा है। इटली, अमेरिका, स्पेन, ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों में हर दिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना वायरस के कारण मरने वालों का आंकड़ा भी हर दिन बढ़ता जा रहा है। इस बीच दुनिया भर के वैज्ञानिक इसके इलाज ढूंढने में लगे हैं। कोरोना की वैक्सीन का भी ट्रायल हो चुका है, हालांकि अबतक यह जनसाधारण के उपयोग के लिए तैयार नहीं हो सका है। वहीं, वैज्ञानिक इसके वैकल्पिक इलाज के तरीकों पर भी काम कर रहे हैं। वर्ल्ड इनोवेशन डे पर आइए जानते हैं कोरोना के इलाज में प्रयोग हो रहे सेल थेरेपी के बारे में, जिसका अमेरिका और इस्राइल में सकारात्मक परिणाम देखा गया है।

World Innovation Day 2020: Now Cell therapy claims for Coronavirus treatment, results Positive

इस्राइल में छह मरीजों को दी गई थेरेपी
इस्राइल की कंपनी प्लूरिस्तेम ने संक्रमण की वजह से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बचाने की नई राह दिखाई है। कंपनी का दावा है कि उसने प्लेसेंटा आधारित सेल थेरेपी से छह लोगों की जान बचाई। यरूशलम पोस्ट के अनुसार इजराइल में तीन चिकित्सा केंद्रों पर छह मरीजों को प्लेसेंटा आधारित सेल थेरेपी दी गई। छह में से चार मरीजों में किडनी और हृदय से जुड़ी कई अंदरुनी प्रणाली प्रभावित हो चुकी थी। 

World Innovation Day 2020: Now Cell therapy claims for Coronavirus treatment, results Positive

अमेरिका में भी सकारात्मक परिणाम
इसी तरह अमेरिका के न्यूजर्सी में स्थित कंपनी के मेडिकल सेंटर पर जिस मरीज का इलाज किया गया, उसकी सांस लेने की प्रणाली विफल हो चुकी थी। उसे तीन हफ्ते से आईसीयू में रखा गया था। कंपनी के सीईओ याकी याने ने बताया कि बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए। स्टेम सेल थेरेपी से कोरोना के मरीजों का पहली बार इलाज हुआ है। 

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World Innovation Day 2020: Now Cell therapy claims for Coronavirus treatment, results Positive

किस तरह काम करती है यह तकनीक 
कंपनी ने इलाज में उपयोग किए सेल को पीएलएक्स नाम दिया। यह एलोजेनीक (अनुवांशिक रूप से भिन्न) मेसेनकिमी (भ्रूण के कनेक्टिव उतक) शैली के सेल हैं। इनमें हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय करने की शक्ति होती है। वे प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने वाले टी-सेल और एम-2 मेक्रोफेज्स (श्वेत रक्त कण) को सक्रिय कर देते हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से ये निमोनिया और फेफड़े के उतकों में आई सूजन को कम करने लगते हैं। परिणाम, मरीजों की श्वसन प्रणाली सुधरती है और जान बच जाती है।

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