तंबाकू के सेवन और इसके कारण होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर लगातार अध्ययनों में अलर्ट किया जाता रहा है। एक हालिया मामले ने फिर से इस तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। गुजरात से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें एक नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद इमरजेंसी में शिफ्ट करना पड़ा, क्योंकि बच्चे का शरीर नीला पड़ रहा था और वह सामान्य प्रतिक्रिया भी नहीं कर रहा था। मेडिकल रिपोर्ट्स में पता चला कि शिशु में निकोटीन की मात्रा बहुत अधिक थी जिसके कारण उसमें इस तरह के अप्रत्याशित लक्षण दिखाई दे रहे थे।
चिंताजनक: तंबाकू का सेवन करने वाली मां से जन्मे बच्चे में 'हाई निकोटीन लेवल', डॉक्टर से जानिए इसके दुष्प्रभाव
लंबे समय से तंबाकू का सेवन करती थी मां
मामले की जांच कर रही मेडिकल टीम ने पाया कि मां को अस्थमा की शिकायत रही है। उसमें तंबाकू चबाने की भी आदत थी। चौंकाने वाली बात यह है कि महिला दिन में लगभग 10-15 बार पाउच तंबाकू-गुटखे का सेवन करती थी, जिससे रक्त प्रवाह के माध्यम से गर्भ में पल रहे शिशु में भी निकोटीन का स्तर काफी बढ़ गया। मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला ने बताया कि वह 15 साल की उम्र से तंबाकू का सेवन कर रही थी।
पांच दिनों तक इलाज के बाद बच्चे के लक्षण में सुधार देखे गए और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
क्या कहती हैं स्त्री रोग विशेषज्ञ?
किसी महिला के तंबाकू-धूम्रपान की आदत किस प्रकार से उसके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकती है, इस बारे में समझने के लिए हमने नोएडा स्थित अस्पताल में स्त्री रोग विशेष डॉ. विनीता निरूला से संपर्क किया।
डॉ विनीता बताती हैं, धूम्रपान-शराब का सेवन करने वाली मां से बच्चे में होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के मामले पहले भी रिपोर्ट किए जाते रहे हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए सभी को धूम्रपान और शराब से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। धूम्रपान करने वाली महिलाओं में अन्य की तुलना में गर्भपात का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
धूम्रपान से होने वाले नुकसान
डॉ विनीता बताती हैं, जो महिलाएं धूम्रपान करती हैं उन्हें गर्भवती होने में अधिक कठिनाई होती है और कई मामलों में उनके कभी गर्भवती न होने का खतरा भी अधिक होता है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करने से शिशु के ऊतकों में क्षति हो सकती है, विशेष रूप से फेफड़े और मस्तिष्क में। कुछ अध्ययन यह भी बताते हैं कि इसके दुष्प्रभावों के रूप में बच्चे का जन्म कटे हुए होंठ-तलवे के साथ भी हो सकता है।
गर्भावस्था में शराब के दुष्प्रभाव
धूम्रपान की ही तरह शराब का सेवन भी गर्भास्थ शिशु के लिए समस्याकारक माना जाता है। गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से गर्भपात, समय से पहले जन्म और जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने का खतरा बढ़ जाता है। यह आपके बच्चे के जन्म के बाद के विकास और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से आपके बच्चे में अल्कोहल स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एफएएसडी) नामक गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है।
डॉ विनीता कहती हैं, धूम्रपान-शराब सभी के लिए हानिकारक है, महिलाओं में इसके और भी गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यह आदत मां-बच्चे दोनों के लिए हानिकारक है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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