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कोविड अलर्ट: क्या पानी से फैल सकता है कोरोना वायरस? जानें क्या कहते हैं वैज्ञानिक

Mon, 10 May 2021 03:12 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Mon, 10 May 2021 03:12 PM IST
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Netherlands Scientists have found active genes of the coronavirus in the treatment plant
Coronavirus - फोटो : istock

देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हर कोई जूझता नजर आ रहा है। जहां अस्पतालों में बेड की कमी साफ दिख रही है, तो वहीं ऑक्सीजन की किल्लत की खबरों ने लोगों को और परेशान कर रखा है। वहीं, हर दिन संक्रमितों की संख्या में जहां इजाफा देखा जा रहा है, तो वहीं ये वायरस कई मासूमों की जान भी ले रहा है। लेकिन इन सबके बीच एक सवाल काफी तेजी से चर्चा का विषय बन रहा है और वो ये कि क्या पानी से कोरोना वायरस फैल सकता है? तो चलिए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

Netherlands Scientists have found active genes of the coronavirus in the treatment plant
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

क्या कहती है रिपोर्ट

  • दरअसल, हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि नीदरलैंड के वैज्ञानिकों को ट्रीटमेंट प्लांट में वायरस के सक्रिय जीन्स मिल हैं। यही नहीं, 2002-03 में सार्स वायरस को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें यूके सेंटर फॉर यूरोलॉजी एंड हाइड्रोलॉजी के मुताबिक भी मल और गंदे पानी में भी ये वायरस पाया गया था।
Netherlands Scientists have found active genes of the coronavirus in the treatment plant
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

सार्स में भी हुआ था ऐसा

  • उस वक्त पानी की बूंदे एयरोसॉल के जरिए पानी में पहुंच गई थीं, जिसकी वजह से संक्रमित मरीजों की संख्या एक साथ काफी बढ़ गई थी। उस वक्त साल 2002 में इस बीमारी ने महज कुछ ही महीनों के अंदर 29 देशों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसकी वजह से काफी संख्या में लोगों की जान तक चली गई थी।
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Netherlands Scientists have found active genes of the coronavirus in the treatment plant
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

पानी में नहीं फैलता कोरोना- डब्ल्यूएचओ

  • रिपोर्ट में ये सामने आया कि सीवेज पानी में वायरस के सक्रिय जीन्स मिले हैं। इसको लेकर सवाल ये भी है कि क्या नदी नहरों में वायरस फैल सकता है? इसी सवाल का जवाब जानने के लिए मध्य प्रदेश के सागर में राजघाट के पानी की जांच कराई गई। इस जांच की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ भी कह चुका है कि कि कोरोना वायरस पानी से नहीं फैलता।
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Netherlands Scientists have found active genes of the coronavirus in the treatment plant
Double mask - फोटो : istock

डबल मास्क पहननना जरूरी

  • इस कोरोना काल में वैसे तो हमें अपने-अपने घरों पर ही रहना चाहिए। लेकिन कुछ जरूरी कामों की वजह से अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना चाहिए और वो भी डबल मास्क। डबल्यूएचओ से लेकर डॉक्टर्स तक कह चुके हैं कि डबल मास्क पहनना कोरोना काल में फायदेमंद हो सकता है।


स्रोत और संदर्भ:  
https://www.rivm.nl/en/covid-19/sewage

अस्वीकरण नोट: यह लेख नीदरलैंड के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन के आधार पर दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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