बार-बार पेशाब लगना, जिसे चिकित्सकीय भाषा में पॉलीयूरिया कहा जाता है, एक ऐसी समस्या है जिससे अक्सर लोग परेशान रहते हैं। यह स्थिति दिन-रात किसी भी समय हो सकती है और कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है। बार-बार पेशाब जाना आमतौर पर डायबिटीज और यूटीआई का लक्षण हो सकता है।
Health Tips: बार-बार लगता है पेशाब, कहीं शरीर में इस पोषक तत्व की कमी तो नहीं?
दिनभर में अगर आपको 7-8 बार से अधिक बार पेशाब लगता है तो ये किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। कई बार पोटेशियम की कमी से भी ये समस्या हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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पॉलीयूरिया और पोटेशियम की कमी का संबंध
पोटेशियम एक आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट है, जो शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के सुचारू कार्य के लिए जरूरी है। यह किडनी के माध्यम से तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को नियंत्रित करता है।
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जब शरीर में पोटेशियम का स्तर कम होता है, जिसे हाइपोकैलिमिया कहते हैं, तो किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे बार-बार पेशाब लगने की समस्या हो सकती है, क्योंकि किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में असंतुलन पैदा करती है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, पोटेशियम की कमी से पॉलीयूरिया के साथ-साथ झुनझुनी, सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। बता दें कि लंबे समय तक हाइपोकैलिमिया किडनी समस्याओं को बढ़ा सकता है, जिसका असर आपके संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में आप पोटेशियम युक्त आहार को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। केला, आलू, पालक, और एवोकाडो जैसे खाद्य पदार्थ पोटेशियम की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
पॉलीयूरिया के अन्य कारण
हालांकि, पोटेशियम की कमी पॉलीयूरिया का एक कारण हो सकती है, लेकिन यह डायबिटीज, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), कैफीन या शराब का अत्यधिक सेवन, और हाइपरटेंशन जैसी अन्य स्थितियों से भी हो सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।