चैत्र नवरात्रि रविवार (30 मार्च) से शुरू हो गई है। यह हिंदी कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष का शुभारंभ भी है। मां शक्ति को नौ रूपों की आराधना और भक्ति के लिए लोग देशभर में नवरात्रि का व्रत करते हैं। नवरात्रि के उपवास का आध्यात्मिक महत्व तो होता ही है साथ ही व्रत करने को सेहत के लिए भी बहुत लाभप्रद माना जाता है।
Navratri 2025: डायबिटीज या हार्ट के हैं मरीज तो व्रत के दौरान बरतें ये सावधानियां, वरना बिगड़ सकती है तबीयत
नवरात्रि व्रत के दौरान डायबिटीज या हृदय रोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आप इस तरह की समस्याओं से परेशान हैं तो बिना डॉक्टरी सलाह के ज्यादा देर खाली पेट रहना स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है। आइए जानते हैं कि आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
नवरात्रि व्रत के दौरान रखें सेहत का ध्यान
नवरात्रि व्रत के दौरान डायबिटीज और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आप इस तरह की समस्याओं से परेशान हैं तो बिना डॉक्टरी सलाह के ज्यादा देर खाली पेट रहना स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है।
डायबिटीज के मरीजों को उपवास के दौरान शुगर लेवल को नियंत्रित रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। ज्यादा देर तक कुछ न खाने से हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर कम होना) या हाइपरग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर अधिक होना) का खतरा हो सकता है। इसलिए अगर आपको हाई डायबिटीज रहती है तो बिना डॉक्टरी सलाह के व्रत नहीं करना चाहिए।
डायबिटीज रोगी व्रत के दौरान क्या सावधानी बरतें
अगर आपको डायबिटीज है, फिर भी व्रत कर रहे हैं तो ब्लड शुगर की नियमित जांच करें, जिससे पता चल सके कि शुगर बढ़ या कम तो नहीं रहा है?
उपवास के दौरान संतुलित आहार लें। साबूदाना, आलू जैसे हाई कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन से बचें क्योंकि ये रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ा सकते हैं। साबुत अनाज (राजगिरा, सिंघाड़े का आटा) और फाइबर युक्त फल-सब्जियां जैसे सेब, नाशपाती, पपीता खा सकते हैं। व्रत के दौरान हाइड्रेशन का ध्यान रखना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने से डायबिटीज की जटिलताएं काफी बढ़ सकती हैं।
हृदय रोगी भी बरतें सावधानियां
डायबिटीज की तरह हृदय रोगों के शिकार लोगों को भी उपवास के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। गलत खानपान या ज्यादा देर तक कुछ न खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। फलाहार के दौरान लो-फैट और लो-सोडियम वाली चीजें खाइए। तले-भुने खाद्य पदार्थ से बचें क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। घी और मक्खन वाली चीजें खाने से बचिए इससे भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, मधुमेह रोगियों को ज्यादा देर खाली पेट नहीं रहना चाहिए। अगर आप व्रत कर रहे हैं तो पहले डॉक्टर से परामर्श ले लें।
- यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन के अनुसार, हार्ट के मरीजों को उपवास के दौरान लो-सोडियम और हाई-फाइबर डाइट अपनानी चाहिए ताकि कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहे।
- इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को इंटरमिटेंट फास्टिंग से पहले इंसुलिन और दवा के डोज को एडजस्ट करना चाहिए ताकि शुगर लेवल स्थिर रहे। इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
- उपवास के दौरान हाई-फाइबर, लो-कार्ब, लो-फैट और हाई-प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें।
- नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की निगरानी करें।
-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।