संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्रदूषण बड़े जोखिम के तौर पर उभर रहा है। वायु प्रदूषण का खतरा कई ऐसी बीमारियों का कारण बन रहा है जिसे विशेषज्ञ जानलेवा मानते हैं। हालिया रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण के कारण बढ़ते फेफड़ों के कैंसर को लेकर लोगों को सावधान किया है। यह 30 से भी कम आयु वाले लोगों, विशेषकर नॉन स्मोकर्स को भी शिकार बना रहा है। डॉक्टर्स कहते हैं, सभी लोगों को इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के प्रदूषण से बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। प्रकृति की रक्षा हेतु प्रदूषण को कम करने की दिशा में लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से हर साल दो दिसंबर को नेशनल पॉल्यूशन प्रीवेंशन डे मनाया जाता है।
National Pollution Prevention Day 2022: वायु प्रदूषण से बचाव करके इन जानलेवा बीमारियों का जोखिम कर सकते हैं कम
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हृदय रोगों का बढ़ गया है खतरा
वायु प्रदूषण का शरीर के जिन अंगों पर सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव देखा जा रहा है, हृदय और फेफड़े उनमें से एक हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक हो सकता है। प्रदूषित हवा के कारण हृदय का सामान्य कामकाज प्रभावित होता है, इसके अलावा हवा में मौजूद विषाक्तता हृदय के तमाम रोगों का खतरा बढ़ा देती है, इससे बचाव करना बहुत आवश्यक है।
मस्तिष्क पर प्रदूषण के दुष्प्रभाव
वायु प्रदूषण का असर मानव मस्तिष्क पर भी देखा जाता रहा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रदूषित हवा मस्तिष्क के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है। वायु प्रदूषण का उच्च स्तर बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमताओं को नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं वयस्कों की बौद्धिक क्षमता और उनमें समय के साथ कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कुछ अध्ययन में यह भी पाया गया है कि वायु प्रदूषण डिप्रेशन के भी जोखिम कारकों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
युवाओं में बढ़ रहा है फेफड़ों के कैंसर का खतरा
वायु प्रदूषण की स्थिति को फेफड़ों की सेहत के लिए सबसे नुकसानदायक माना जाता रहा है। प्रदूषित हवा को 10 में से एक में फेफड़ों के बढ़ते कैंसर के लिए प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है। वायु प्रदूषण के कण कोशिकाओं में डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। एक हालिया अध्ययन में पाया गया है प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण 30 से कम आयु के उन लोगों में भी इस प्रकार के कैंसर का निदान किया जा रहा है, जो धूम्रपान नहीं करते हैं।
प्रदूषण के इन खतरों के बारे में भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि वायु प्रदूषण के अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के नुकसान हो सकते हैं, जिनसे सभी लोगों को बचाव करते रहने का आवश्यकता है।
- वातावरण में मौजूद कण नाक में जलन और सूजन पैदा कर सकते हैं। इससे गंभीर श्वसन विकारों का खतरा हो सकता है।
- वायु प्रदूषण के कारण इंफ्लामेशन की समस्या बढ़ जाती है जिससे हृदय रोगों के विकसित होने का खतरा होता है।
- त्वचा और बालों के लिए भी वायु प्रदूषण के नुकसान देखे गए हैं।
- प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहने वालों में आंखों में जलन और लालिमा का खतरा होता है।
- अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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