ज्यादातर भारतीयों को लगता है कि ऑफिस में झपकी लेने से काम करने की क्षमता और उत्पादन में सुधार हो सकता है। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है। अध्ययन कहता है कि भारतीय कर्मचारियों का मानना है कि अगर ऑफिस में नैप रूम (जहां थोड़ा देर आराम किया जा सके) हो तो काम अच्छा हो सकता है।
1500 लोगों पर किए गए सर्वे के आधार पर यह अध्ययन कहता है कि 86 फीसदी लोगों का मानना है कि अगर ऑफिस में नैप रूप हो तो उनके उत्पादन क्षमता में सुधार हो सकता है। जबकि 70 फीसदी लोगों को ऐसा नहीं लगता है। इस अध्ययन को एक ऑनलाइन स्लीप सॉल्यूशन स्टार्टअप ने किया है।
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sleep disorder
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काम के तनाव से नहीं सो पाते कर्मचारी
यह अध्ययन बताता है कि काम के तनाव की वजह से कर्मचारी अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं। 41 फीसदी लोगों ने इस अध्ययन में यह बात स्वीकार की है। इन लोगों का कहना है कि काम के अवसाद की वजह से उनके नींद के पैटर्न में बदलाव आ गया है और वो सही से सो नहीं पा रहे हैं। इसकी एक वजह देर रात तक काम करना भी है।
अध्ययन में पता चला है कि 51 फीसदी लोग ऑफिस में काम के दौरान सुस्ती महसूस करते हैं। 31 फीसदी लोग ही रात में सही से सो पाते हैं और 20 फीसदी लोगों को ऑफिस में हर वक्त नींद आती है। तीन दिन में एक बार ऑफिस में 80 फीसदी लोगों को ऐसा महसूस होता है कि वो सो जाएं। अध्ययन यह भी कहता है कि इसी वजह से कर्मचारी ऑफिस में बार-बार चाय और कॉफी पीते हैं ताकि नींद को दूर किया जा सके। 33 फीसदी लोग चाहते हैं कि उनके ऑफिस में नैप रूम हो जहां वो थोड़ा नींद ले सकें। यह अध्ययन कहता है कि 20-30 मिनट की नींद लोगों के भीतर सतर्कता को बढ़ा देती है। इस सर्वे को वेकफिटडॉटको ने किया है।