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Analysis: भारत में टीबी के मामलों में आई गिरावट, पर क्या 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य हो पाएगा पूरा?

Fri, 16 Jun 2023 11:55 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 16 Jun 2023 11:55 AM IST
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MoS Health says Substantial Decline In TB Cases, elimination of tuberculosis from India target
भारत में टीबी के मामले - फोटो : iStock

साल 2050 तक भारत कई बीमारियों पर विशेष रोकथाम या उन्हें खत्म करने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है। टीबी भी उन्हीं रोगों में से एक है। भारत सरकार इस रोग को खत्म करने के लक्ष्य के साथ तेजी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत साल 2025 तक भारत से टीबी उन्मूलन का आह्वान किया गया है। इस दिशा में हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सुखद जानकारी साझा की गई है। 



केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एस.पी सिंह बघेल ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में टीबी के मामलों में काफी कमी आई है। देश से टीबी उन्मूलन के मिशन की सफलता के लिए नवाचार महत्वपूर्ण है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा आयोजित दो दिवसीय टीबी कार्यशाला के दौरान बघेल ने कहा कि टीबी के मरीज अब अपने आयुष्मान भारत कार्ड से इलाज का लाभ उठा सकते हैं। भारत सरकार लगातार इस दिशा में प्रयास कर रही है जिससे भारत को टीबी रोग से मुक्त किया जा सके। 

इसके पहले मई में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने भी एक कांफ्रेंस के दौरान बताया था कि भारत में टीबी के मामलों में पिछले आठ वर्षों में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। पर क्या वास्तव में भारत अपने लक्ष्य को साल 2025 तक हासिल कर पाएगा? आइए इस बारे में जानते हैं।

MoS Health says Substantial Decline In TB Cases, elimination of tuberculosis from India target
भारत को टीबी मुक्त बनाने की लक्ष्य - फोटो : iStock

क्या 2025 तक भारत हो पाएगा टीबी से मुक्त

भारत सरकार ने साल 2025 तक देश से टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है, पर क्या वास्तव में ये पूरा हो पाएगा? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि वास्तव में भारत से तपेदिक को खत्म करने के लिए साल 2025 बहुत कम समय है।

इस संबंध में पीएमसी जर्नल में एक रिपोर्ट छपी जो कई प्रकार के सवाल खड़े करती है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में हर साल जहां टीबी के 256 नए मामले रिपोर्ट किए जाते थे, वह घटकर 2021 में 210 जरूर रह गया है, लेकिन देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य से यह अब भी कहीं अधिक है। वैश्विक आंकड़ों की तुलना में भारत में अब भी टीबी के नए मामलों की संख्या अधिक है।

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टीबी के मरीज - फोटो : Pixabay

टीबी से मृत्यु के आंकड़े भी बढ़ा रहे हैं चिंता

इसी तरह टीबी मृत्यु दर में कमी का लक्ष्य भी अभी काफी पीछे है। तपेदिक उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक योजना के अनुसार लक्ष्य 2020 में प्रति एक लाख पर 15 टीबी मृत्यु थी। लेकिन नई रिपोर्ट से पता चलता है कि यह आंकड़ा अब भी औसत 23 मौतों का है। टीबी के मामलों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट भी भारत में टीबी रोग की चुनौतियों को अंडरलाइन करती है। 

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वैश्विक स्तर पर टीबी एक बड़ा खतरा - फोटो : istock

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में दुनियाभर में 10.6 मिलियन (1.06 करोड़) टीबी के नए मामलों का पता चला, आश्चर्यजनक रूप से इसमें भारत का हिस्सा 28% है। यह साल 2020 के टीबी के मामलों से 4.5 फीसदी अधिक है।

इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत उन आठ देशों में शामिल है, जहां कुल टीबी रोगियों की संख्या दो-तिहाई या 68.3 फीसदी से अधिक है। अन्य देश इंडोनेशिया (9.2% मामले), चीन (7.4%), फिलीपींस (7%), पाकिस्तान (5.8%), नाइजीरिया (4.4%), बांग्लादेश (3.6%) और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (2.9%) थे। भारत में भले ही मामले अब पहले की तुलना में कम रिपोर्ट हो रहे हैं, पर वैश्विक स्तर पर टीबी के कुल मामलों में भारत का हिस्सा अब भी बड़ा है, यह निश्चित ही चिंताजनक है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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