देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की शुरुआत हो चुकी है। ये मौसम भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाला माना जाता है, पर मानसून अपने साथ कई प्रकार की बीमारियों को लेकर भी आता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसून के दौरान सेहत के लेकर विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है। क्या खाएं-क्या नहीं इस बात को लेकर अलर्ट रहने की जरूरत है। खान-पान में बरती गई असावधानी फूड पॉइजनिंग जैसी पाचन से संबंधित दिक्कतों का कारण बन सकती है।
Monsoon: मानसून में खान-पान को लेकर बरतें सावधानी वरना हो सकती है फूड पॉइजनिंग, इन बातों का रखें ध्यान
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मानसून में फूड पॉइजनिंग का खतरा
फूड पॉइजनिंग बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी से दूषित खाद्य या पेय पदार्थों के कारण होने वाली समस्या है। आहार विशेषज्ञ गरिमा चावला बताती हैं, गर्मियों से लेकर मानसून तक का समय कई प्रकार के संक्रामक रोगों का जोखिम बढ़ाने वाला माना जाता है। इस दौरान खाद्य जनित संक्रमण का जोखिम सबसे अधिक देखा जाता है जिसके कारण फूड पॉइजनिंग हो सकती है। मानसून के दौरान खुले में या लंबे समय तक रखे गए भोजन में हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस पनपने लगते हैं जिससे पाचन स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतों का खतरा हो सकता है।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ अमित सिंह बताते हैं, बरसात के दिनों में सब्जियों-फलों को अच्छी तरह से धोकर और साफ करके ही खाना चाहिए। मानसून में बाहर खाने-पीने से बचना चाहिए। स्ट्रीट फूड, ज्यादा तेल वाली चीजें पाचन स्वास्थ्य के लिए समस्याएं बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
आइए जानते हैं कि मानसून के दिनों में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
मानसून में क्या खाना चाहिए?
मानसून के दौरान कुछ चीजों को आहार में शामिल करना लाभकारी हो सकता है।
- आहार में प्रोबायोटिक्स शामिल करें: दही, छाछ जैसी चीजों का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। प्रोबायोटिक्स वाली चीजें गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देती हैं जिससे हमारा पाचन तंत्र ठीक रहता है।
- हाइड्रेशन जरूरी: पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
- पाचन संबंधित समस्याओं और विषाक्तता से बचे रहने के लिए उबाल कर ठंडा करके पानी पिएं।
क्या नहीं खाना चाहिए?
- मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं से बचे रहने के लिए कच्ची सब्जियां खाने से बचें। कच्ची सब्जियों के बजाय उबली हुई या अच्छे से पकाकर ही सब्जियां खाएं।
- पत्तेदार साग खाने से भी इस मौसम में बचा जाना चाहिए। पत्तियों के बीच नमी के कारण इनमें विषाणुओं के पनपने का खतरा रहता है। साग खाने से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।