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What If: अगर रोजाना खाने लगें मोमो तो जानिए क्या होगा शरीर पर इसका असर? स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया आगाह

Tue, 06 Jun 2023 07:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 06 Jun 2023 07:06 PM IST
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Momos Side Effects on Health Know Disadvantage of Eating Junk Food on Body
मोमोज खाने से मौत का आ चुका है मामला - फोटो : amar ujala

मोमोज तो हम सभी को पसंद होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। मैदे की लोई में वेज या नॉन-वेज स्टफिंग वाली ये चाइनीज डिश मसालेदार चटनी के साथ अद्भुत स्वाद वाली होती है। पर शोधकर्ताओं ने इससे होने वाले स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। यदि आप रोजाना या हफ्ते में तीन-चार बार भी मोमोज खाते हैं तो इससे कई प्रकार के दुष्प्रभावों का जोखिम हो सकता है।



कुछ हालिया रिपोर्ट्स में मोमोज खाने से मौत के भी मामले देखे गए हैं। पिछले साल ही राजधानी दिल्ली में मोमोज खाने से एक व्यक्ति की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। डॉक्टरों ने शख्स की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पाया कि मोमो विंड पाइप में फंस गया था, रिपोर्ट के मुताबिक संभवत: मृतक मोमो को ठीक से चबाए बिना ही निगल गया था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं इस तरह की जोखिम तो वैसे कम होती हैं पर मोमोज का लंबे समय तक सेवन शरीर के लिए समस्याएं बढ़ाने वाला जरूर हो सकता है, कैसे? आइए समझते हैं।

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मोमो के कारण पाचन की समस्या - फोटो : pexel

मैदा बढ़ा सकती है पाचन की दिक्कतें

मोमोज को मैदे से बनाया जाता है और मैदे का पाचन और मेटाबॉलिज्म दोनों ही कठिन होता है। मोमोज को रिफाइंड आटे से बनाया जाता है, जिसे एज़ोडिकार्बोनामाइड, क्लोरीनगैस, बेंज़ॉयल पेरोक्साइड और अन्य ब्लीच जैसे रसायनों से तैयार और संरक्षित किया जाता है। ये रसायन अग्न्याशय को नुकसान पहुंचा सकते हैं और मधुमेह का कारण भी बन सकते हैं।

इसके अलावा आमतौर पर, मैदा को पेट और छोटी आंत में पचने में लगभग 2-4 घंटे लगते हैं। इसलिए अधिक मात्रा में या अक्सर मोमोज खाना आपमें पाचन की दिक्कतों को बढ़ाने वाला हो सकता है।

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मोमोज से होने वाले नुकसान - फोटो : istock

फूड पॉइजनिंग का खतरा

इसके अलावा कई रिपोर्ट में बताया गया है कि मोमोज के अंदर की सब्जियां खराब गुणवत्ता वाली और अच्छी तरह से पकी हुई नहीं होती हैं, इस तरह की चीजें गैस-अपच और पाचन से संबंधित समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषतौर पर गर्मी के दिनों में यह ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया का घर हो सकती हैं जो पेट में गंभीर संक्रमण, दस्त या फिर फूड-पॉइजनिंग का भी कारण बन सकती है।

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आहार की स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी - फोटो : istock

तीखी लाल चटनी बेहद नुकसानदेह

मोमोज के साथ जो चटनी हम सभी मौज से खा रहे होते हैं उसमें लाल मिर्च और खराब क्वालिटी के टमाटर हो सकते हैं। मोमोज के साथ परोसी जाने वाली तीखी लाल मिर्च की चटनी गुणवत्ता के मामले में अनहेल्दी होती है। इसे खाने से पेट में जलन, गैस, पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। डॉक्टर्स बताते हैं, बहुत अधिक लाल मिर्च खाने से इंफ्लामेशन की समस्या भी बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से बवासीर जैसी समस्या है उनके लिए यह जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।

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मोमो कहीं बढ़ा न दे आपकी दिक्कतें? - फोटो : self

क्या है डॉक्टर्स की सलाह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मोमोज के शौकीन हैं तो सुनिश्चित करें कि हफ्ते में एक बार से ज्यादा इसका सेवन न करें। इसके अलावा मोमोज के रखरखाव और गुणवत्ता का भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है। गर्मी के दिनों में इससे पाचन की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। बेहतर है आप घर पर ही इसे तैयार करें। अधिक मात्रा में या फिर रोजाना इसका सेवन आपकी आंतों और पाचन अंगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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