मोमोज तो हम सभी को पसंद होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। मैदे की लोई में वेज या नॉन-वेज स्टफिंग वाली ये चाइनीज डिश मसालेदार चटनी के साथ अद्भुत स्वाद वाली होती है। पर शोधकर्ताओं ने इससे होने वाले स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। यदि आप रोजाना या हफ्ते में तीन-चार बार भी मोमोज खाते हैं तो इससे कई प्रकार के दुष्प्रभावों का जोखिम हो सकता है।
What If: अगर रोजाना खाने लगें मोमो तो जानिए क्या होगा शरीर पर इसका असर? स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया आगाह
मैदा बढ़ा सकती है पाचन की दिक्कतें
मोमोज को मैदे से बनाया जाता है और मैदे का पाचन और मेटाबॉलिज्म दोनों ही कठिन होता है। मोमोज को रिफाइंड आटे से बनाया जाता है, जिसे एज़ोडिकार्बोनामाइड, क्लोरीनगैस, बेंज़ॉयल पेरोक्साइड और अन्य ब्लीच जैसे रसायनों से तैयार और संरक्षित किया जाता है। ये रसायन अग्न्याशय को नुकसान पहुंचा सकते हैं और मधुमेह का कारण भी बन सकते हैं।
इसके अलावा आमतौर पर, मैदा को पेट और छोटी आंत में पचने में लगभग 2-4 घंटे लगते हैं। इसलिए अधिक मात्रा में या अक्सर मोमोज खाना आपमें पाचन की दिक्कतों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
फूड पॉइजनिंग का खतरा
इसके अलावा कई रिपोर्ट में बताया गया है कि मोमोज के अंदर की सब्जियां खराब गुणवत्ता वाली और अच्छी तरह से पकी हुई नहीं होती हैं, इस तरह की चीजें गैस-अपच और पाचन से संबंधित समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषतौर पर गर्मी के दिनों में यह ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया का घर हो सकती हैं जो पेट में गंभीर संक्रमण, दस्त या फिर फूड-पॉइजनिंग का भी कारण बन सकती है।
तीखी लाल चटनी बेहद नुकसानदेह
मोमोज के साथ जो चटनी हम सभी मौज से खा रहे होते हैं उसमें लाल मिर्च और खराब क्वालिटी के टमाटर हो सकते हैं। मोमोज के साथ परोसी जाने वाली तीखी लाल मिर्च की चटनी गुणवत्ता के मामले में अनहेल्दी होती है। इसे खाने से पेट में जलन, गैस, पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। डॉक्टर्स बताते हैं, बहुत अधिक लाल मिर्च खाने से इंफ्लामेशन की समस्या भी बढ़ सकती है। जिन लोगों को पहले से बवासीर जैसी समस्या है उनके लिए यह जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
क्या है डॉक्टर्स की सलाह?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आप मोमोज के शौकीन हैं तो सुनिश्चित करें कि हफ्ते में एक बार से ज्यादा इसका सेवन न करें। इसके अलावा मोमोज के रखरखाव और गुणवत्ता का भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है। गर्मी के दिनों में इससे पाचन की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। बेहतर है आप घर पर ही इसे तैयार करें। अधिक मात्रा में या फिर रोजाना इसका सेवन आपकी आंतों और पाचन अंगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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