दुनिया में ऐसी बहुत सी बीमारियां हैं, जिनके बारे में लोगों को पता तक नहीं होता। ऐसी ही एक बीमारी है डेलुजरी पैरासिटोसिस। दरअसल, अक्सर आप लोगों को खुजलाते हुए देखते होंगे और कई बार दिमाग में यह आता भी होगा कि आखिर खुजली होती क्यों है? वैसे तो विशेषज्ञ कहते हैं कि खुजली कई कारणों से हो सकती है, जैसे तेज धूप से त्वचा के जलने से, किसी कीड़े के काटने से, त्वचा के रूखे-सूखे होने से या किसी घाव के भरने से, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खुजली एक दिमागी बीमारी भी हो सकती है? इसी दिमागी बीमारी को डेलुजरी पैरासिटोसिस कहते हैं।
डेलुजरी पैरासिटोसिस: क्या खुजली दिमागी बीमारी भी हो सकती है? जानिए इसके संकेत और लक्षण
दरअसल, डेलुजरी पैरासिटोसिस जेहन में किसी बीमारी का वहम है। कई बार ये आमतौर पर होने वाली खुजली से हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर भी हो जाता है। इस बीमारी की वजह से मन में एक गलत धारणा बन जाती है कि शरीर किसी अदृश्य कीड़े या परजीवियों के काटने से संक्रमित हो गया है।
डेलुजरी पैरासिटोसिस बीमारी को एकबॉम सिंड्रोम भी कहा जाता है। इसका नाम स्वीडिश न्यूरोलॉजिस्ट कार्ल एकबॉम के नाम पर रखा गया है। उन्होंने ही इसकी खोज की थी। लाइव साइंस के मुताबिक, विशेषज्ञ कहते हैं कि एकबॉम सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को संक्रमण बहुत ही वास्तविक लगता है और इसमें व्यक्ति अपने शरीर को खुजलाने के लिए नाखूनों से लेकर कैंची, चिमटी या चाकू तक का भी इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि ऐसा गंभीर स्थिति में होता है।
डेलुजरी पैरासिटोसिस के संकेत
- कुछ लोगों में डेलुजरी पैरासिटोसिस का एकमात्र संकेत यह हो सकता है कि लोगों को यह विश्वास हो जाता है कि उनके शरीर के अंदर एक परजीवी है। सिर्फ यही नहीं, वे यह भी मान सकते हैं कि उनके फर्नीचर, घर, या आसपास का वातावरण भी इस परजीवी से संक्रमित है।
डेलुजरी पैरासिटोसिस के कुछ अन्य सामान्य लक्षण
- त्वचा पर खुजली या जलन की भावना
- त्वचा सुन्न हो गई है जैसा महसूस होना
- त्वचा पर किसी चीज के रेंगने या चुभने जैसा महसूस होना
- त्वचा पर खरोंच
- खरोंच के कारण त्वचा पर घाव का होना
नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने हेतु livescience.com और healthline.com पर प्रकाशित हुई जानकारी के आधार पर बनाया गया है। संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।