टेस्टेस्टोरॉन का नाम सुनते ही आपके दिमाग में सबसे पहले क्या ख्याल आता है? अधिकतर लोगों का जवाब होगा- पुरुषों की मर्दानगी।
Male Health: इस हार्मोन में छिपा है पुरुषों की फिटनेस से लेकर फर्टिलिटी तक का राज, आपको है इसकी जानकारी?
टेस्टेस्टोरॉन को अक्सर सिर्फ पुरुषों की मर्दानगी से जोड़कर देखा जाता है, जबकि सच यह है कि यह हार्मोन शरीर की ऊर्जा, मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों के स्वास्थ्य, मूड, याददाश्त, प्रजनन क्षमता और दिल की सेहत तक में अहम भूमिका निभाता है।
टेस्टेस्टोरॉन के बारे में जान लीजिए
टेस्टेस्टोरॉन पुरुषों में मुख्य रूप से अंडकोष में बनता है। ये कम मात्रा में महिलाओं भी पाया जाता है।
- किशोरावस्था के दौरान आवाज भारी होने, दाढ़ी-मूंछ आना, मांसपेशियों का विकास और प्रजनन क्षमता में इसकी भूमिका होती है।
- लेकिन इसका काम केवल यहीं तक सीमित नहीं है। रक्त कोशिकाओं के निर्माण, हड्डियों की मजबूती, ऊर्जा के स्तर के लिए भी ये जरूरी है।
टेस्टेस्टोरॉन की कमी क्यों होती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टेस्टेस्टोरॉन की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बढ़ती उम्र के साथ इसका स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, स्लीप एपनिया, लंबे समय तक तनाव और अत्यधिक शराब पीना का भी टेस्टेस्टोरॉन लेवल पर असर देखा जा सकता है।
शोध में पाया गया है कि अंडकोष की चोट, पिट्यूटरी ग्रंथि की बीमारी और कुछ आनुवंशिक विकार भी टेस्टेस्टोरॉन उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।
कहीं आपमें भी तो कम नहीं है टेस्टेस्टोरॉन लेवल?
टेस्टेस्टोरॉन की कमी धीरे-धीरे विकसित होती है, इसलिए इसके शुरुआती संकेत अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं।
- लगातार थकान महसूस होना, काम में रुचि कम होना, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, मूड खराब रहना और चिड़चिड़ापन इसका संकेत हो सकता है।
- कई लोगों में मांसपेशियों की ताकत घटने लगती है। शरीर के बाल कम होना और हड्डियां कमजोर होना भी देखा जाता है।
टेस्टेस्टोरॉन बढ़ाने के लिए क्या करें?
संतुलित और पोषक आहार टेस्टेस्टोरॉन के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
- पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट, साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, अंडे, मछली, दालें, नट्स और सीड्स का सेवन करें।
- जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व हार्मोन निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- जो लोग रोजाना अच्छी नींद नहीं लेते हैं, उनमें हार्मोनल असंतुलन का खतरा रहता है, इसलिए रोज 7-9 घंटे की नींद जरूर लें।
- यदि लंबे समय से थकान, यौन इच्छा में कमी, इरेक्शन संबंधी समस्या या मांसपेशियों में कमजोरी है तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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