डायबिटीज वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर और क्रोनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसका खतरा सभी उम्र के लोगों में बढ़ता जा रहा है। हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने चिंता जताते हुए कहा है कि जिस तरह से डायबिटीज की दर बढ़ती जा रही है ऐसे में आशंका है कि साल 2050 तक 130 करोड़ से अधिक लोग इस रोग के शिकार हो सकते हैं। डायबिटीज अपने आप में तो खतरनाक बीमारी है ही, साथ ही इसके कारण कई प्रकार की अन्य क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का जोखिम भी काफी बढ़ सकता है, इसलिए इस रोग से बचाव के लिए प्रयास करते रहना बहुत आवश्यक है।
Diabetes Health: शुगर को कंट्रोल रखने के लिए खाएं लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें, ये हैं सबसे अच्छे विकल्प
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लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्सर वाली चीजें
लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स (निम्न-जीआई) इस पर आधारित होती है कि खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा स्तर को कैसे प्रभावित करती है? ग्लाइसेमिक इंडेक्स भोजन को 0 से 100 के पैमाने पर रैंक करता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जिन चीजों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से कम होता है, वह डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छी हो सकती है। इस बात का ध्यान रखकर अगर आप फलों-सब्जियों का चयन करते हैं तो शुगर के लेवल को कंट्रोल करना आपके लिए ज्यादा आसान हो जाता है।
दूध हो सकता है आपके लिए फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि डायबिटीज रोगियों के लिए नियमित रूप से दूध का सेवन करना बेहतर स्वास्थ्य विकल्प हो सकता है। ये बिना शुगर लेवल को बढ़ाए, शरीर को संपू्र्ण पोषण देने में आपके लिए लाभकारी हो सकता है। स्किम्ड दूध का जीआई स्कोर 37 है, जबकि फुल फैट वाले दूध का स्कोर 39 होता है।
दूध कैल्शियम से भरपूर होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। शोध से पता चलता है कि नियमित रूप से दूध पीने से महिलाओं में घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा कम हो सकता है।
चने प्रोटीन का बेहतर स्रोत
डायबिटीज के शिकार हैं तो शरीर को बेहतर पोषण देने के लिए आप आहार में चने को शामिल कर सकते हैं। चने का जीआई स्कोर 28 होता है। आहार में चने को शामिल करके शरीर के लिए प्रोटीन और फाइबर की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा किया जा सकता है। इनमें कैल्शियम, पोटेशियम और विटामिन बी-9 जैसे प्रमुख पोषक तत्व भी होते हैं, जिन्हें शरीर के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता है।
ओट्स को बनाएं आहार का हिस्सा
ओट्स का सेवन कई प्रकार से शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है, इसका जीआई स्कोर 55 होता है, जिसके सेवन से बिना ब्लड शुगर का स्तर बढ़े शरीर के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है। ओट्स में बीटा-ग्लूकन होता है, यह एक प्रकार का फाइबर है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। 2014 के मेटा-विश्लेषण में लेखकों का सुझाव है कि ओट्स में पाए जाने वाले बीटा-ग्लूकेन से ब्लड कोलेस्ट्रॉल में भी सुधार हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।