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डायबिटीज, दुनियाभर में सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे 'साइलेंट किलर' के रूप में वर्गीकृत करते हैं, क्योंकि यह शरीर में कई अन्य गंभीर और जानलेवा बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती है। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर मधुमेह को समय रहते नियंत्रित करने के उपाय न किए जाएं और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाए तो इसके कारण किडनी, आंखों का रोशनी और अन्य कई अंगों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। यही कारण है कि डायबिटीज रोगियों को अपने आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज की समस्या से ग्रसित लोगों को उन चीजों का सेवन करना चाहिए जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स में कम हों और फाइबर तथा अन्य पोषक तत्वों से भरपूर हों। ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह पैमाना है जो बतलाता है कि कोई खास खाद्य पदार्थ कितनी तेजी से और कितनी मात्रा में शरीर में शुगर के स्तर को बढ़ाता है। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानते हैं जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। इन चीजों का नियमित सेवन न सिर्फ ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकता है साथ ही शरीर को इसके कई तरह से अन्य लाभ भी हो सकते हैं।
Diabetes Control Tips: इन खाद्य पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है कम, मधुमेह रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद
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डायबिटीज रोगियों के लिए गाजर है फायदेमंद
अध्ययनों से पता चलता है कि डायबिटीज रोगियों के लिए गाजर का सेवन करना काफी फायदेमंद हो सकता है। यदि आप अपने दैनिक आहार में स्वस्थ और कम शुगर वाली सब्जियों को शामिल करने के बारे में सोच रहे हैं तो गाजर इसका सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। जिन खाद्य पदार्थों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से कम होता है उन्हें शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद माना जाता है, गाजर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 16 होता है जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए बेहतर बनाता है। गाजर में फाइबर और प्रोटीन की भी मात्रा पाई जाती है, ऐसे में इसका सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
ब्राउन राइस हो सकता है अच्छा विकल्प
आमतौर पर डायबिटीज से ग्रसित लोगों को चावल न खाने की सलाह दी जाती है, इसका मुख्य कारण चावल में कार्बोहाइड्रेट की अधिकता होती है जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है। हालांकि ऐसे लोगों के लिए ब्राउन राइस का सेवन अच्छा विकल्प हो सकता है। युनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) का अनुमान है कि लगभग 100 ग्राम कच्चे ब्राउन राइस में 0.9 ग्राम शुगर मौजूद होती है। इसके अलावा यह सफेद चावल की तुलना में कैलोरी में भी कम है जो इसे मधुमेह और वजन घटाने के अनुकूल बनाता है।
मशरूम के हैं कई तरह के स्वास्थ्य लाभ
अध्ययनों से पता चलता है कि शाकाहारी लोगों के लिए मशरूम खाना सबसे बेहतर खाद्य पदार्थों में से एक हो सकता है। वजन घटाने में इसके अद्भुत फायदों का जिक्र मिलता है। अधिक वजन के कारण डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। मशरूम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 10-15 के बीच होता है, जो इसे मधुमेह रोगियों के लिए एक आदर्श भोजन बनाता है। यूएसडीए का अनुमान है कि 100 ग्राम सफेद मशरूम में लगभग 2 ग्राम शुगर होती है। मशरूम फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट का भी एक समृद्ध है। इसके सेवन से हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों के विकास के जोखिम के कम होने के संकेत मिलते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।