ड्राई आइज यानी कि आंखों में सूखापन की समस्या होना काफी सामान्य है। हमारी आंखों में नमी के बनाए रखने के लिए आंसू का उत्पादन होता रहता है, हालांकि इस समस्या में आंसू कम या बिल्कुल भी नहीं बनते हैं, लिहाजा आंखों में सूखापन बढ़ जाता है जिससे लालिमा, दर्द, जलन और चीजों को देखने में भी दिक्कतें होने लग जाती हैं। हर साल वैश्विक स्तर पर लाखों लोगों में ड्राई आइज की समस्या का निदान होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खराब लाइफस्टाइल विशेषकर मोबाइल-लैपटॉप जैसी स्क्रीन पर अधिक समय बिताने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक हो सकता है।
Study: अगर आपको ड्राई आइज की समस्या है तो यह डिप्रेशन का भी बढ़ा सकती है खतरा, जानिए इन दोनों का संबंध
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ड्राई आइज और डिप्रेशन का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया जिन लोगों में ड्राई आइज की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, उनमें लो मूड की समस्या अधिक देखी जाती है। इस आधार पर किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि ड्राई आइज, रोगियों में अवसाद के जोखिमों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। आंखों की यह समस्या मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि वैश्विक स्तर पर 30-40 फीसदी लोगों को ड्राई आइज की समस्या हो सकती है। यह समस्या तब होती है जब आपके कॉर्निया को कवर करने के लिए पर्याप्त आँसू नहीं होते हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
ड्राई आइज के कारण डिप्रेशन होने का जोखिम पहले के अध्ययनों में भी स्पष्ट हो चुका है। इस नए शोध में इसकी बारीकी को समझने का प्रयास किया गया है। शोधकर्ताओं ने नए अध्ययन में पाया गया कि सर्वेक्षण में शामिल 401 लोगों में से 36.7% को ड्राई आइज और 23.7% को अवसाद-तनाव या स्ट्रेस की समस्या थी। अध्ययन में पाया गया कि जिन रोगियों में अवसाद का निदान किया गया है उनमें ड्राई आइज के अधिक गंभीर लक्षण थे।
दोनों समस्याएं एक दूसरे से संबंधित
शोधकर्ताओं ने पाया कि ड्राई आइज की दिक्कत आपके जीवन के दैनिक आनंद में बाधा डाल सकती है, जिससे डिप्रेशन के लक्षण और भी बिगड़ने का खतरा रहता है। पिट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय में नेत्र विज्ञान के प्रोफेसर दीपिंदर कहते हैं, क्या ड्राई आइज रोग अवसाद का कारण बनती है या अवसाद के कारण ड्राई आइज की समस्या होती है, यह फिलहाल उसी तरह है कि पहले मुर्गी आई या अंडा?
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
मोंटेफियोर हेल्थ सिस्टम में मनोचिकित्सक प्रो. हॉवर्ड एल. फॉर्मन कहते हैं, अवसाद केवल 'दिमाग तक ही सीमित नहीं है। ड्राई आइज की समस्या किस प्रकार से डिप्रेशन के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है, इसे फिलहाल अभी समझने की कोशिश की जा रही है, फिलहाल अब तक पाया गया है कि इंफ्लामेशन इसका एक कारण हो सकता है। आंख की सतह पर सूजन अवसाद के उच्च जोखिम का कारण बन सकती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि एंटीडिप्रेसेंट जो आपके सिस्टम में सेरोटोनिन को बढ़ाते हैं और अवसाद के लक्षणों को कम करते हैं, इसके कारण भी शरीर में सूजन बढ़ सकती हैं, जो बदले में ड्राई आइज के लक्षणों को खराब कर सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
Prevalence of Depression Among People With Dry Eye Disease
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