अभी कोरोना वायरस हमारे बीच से गया नहीं और बर्ड फ्लू ने दस्तक देकर हर किसी को डरा दिया है। देश में कई जगह हिमाचल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि जगहों पर काफी संख्या में कौवे मृत पाए गए हैं और लोगों ने चिकन और अंडों का सेवन पहले के मुकाबले कम कर दिया है। इन सबके बीच लोगों के मन में ये चिंता है कि क्या ये वायरस इंसानों और खासकर बच्चों के लिए खतरनाक है? आखिर इसके लक्षण क्या हैं, जिससे वो इसकी पहचान बच्चों में कर सकें? तो चलिए आपको इन सब चीजों के बारे में विस्तार से बताते हैं...
जानें बच्चों के लिए कितना खतरनाक है बर्ड फ्लू, ये हैं इसके लक्षण और बचाव के तरीके
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरअसल, बर्ड फ्लू मुर्गियों और पक्षियों में पाई जाने वाली बीमारी है और ये वायरस के कारण फैलती है। बाकी जानवरों में इसके मामले दुर्लभ ही पाए गए हैं। वहीं, जहां तक सवाल है कि क्या बर्ड फ्लू इंसानों या बच्चों को संक्रमित कर सकता है? तो इसका जवाब हां में है, लेकिन ऐसे वायरस कुछ ही हैं जो इंसानों के लिए घातक हैं। अब तक भारत में इंसानों में इसके होने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। वहीं, बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए ये माना जाता है कि बच्चों के लिए ये वायरस काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
वैसे तो इंसानों या बच्चों को बर्ड फ्लू होने की आशंका बेहद कम है, लेकिन अगर ये लोगों को होता है तो ये वायरस आंख, मुंह, नाक या फिर सांस लेने में व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा पहले से बर्ड फ्लू की चपेट में आए पक्षियों को छूने से भी आप संक्रमित हो सकते हैं। पूरी दुनिया में अब तक सिर्फ 16 देश ऐसे हैं, जहां के लोगों को बर्ड फ्लू हुआ है। इसमें ज्यादातर मामले दक्षिण पूर्व एशिया और इसके बाद इंडोनेशिया, मिस्र, वियतनाम शामिल हैं। लेकिन भारत में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
अगर बात की जाए कि बच्चों में बर्ड फ्लू के लक्षण कैसे पहचाने जाएं, तो यहां ये जानना जरूरी है कि इसके लक्षण बाकी अन्य फ्लू जैसे भी हो सकते हैं। बर्ड फ्लू के लक्षण हैं नाक बहना, गले में खराश रहना, खांसी, सिर में दर्द, बुखार, मांसपेशियों में दर्द और कंजक्टिवाइटिस। वहीं, जो मामले गंभीर होते हैं उनमें नाक से खून बहना, उल्टी-दस्त और मिर्गी आने जैसे लक्षण देखे जा सकते हैं। संक्रमित होने के तीन से पांच दिन या कई बार सात दिन बाद भी इसके लक्षण नजर आ सकते हैं। अगर आपको इस तरह के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अब बात आती है कि बर्ड फ्लू से बचने के लिए क्या किया जा सकता है। इसके लिए सबसे आसान तरीका ये है कि कुछ समय के लिए कौवे, मुर्गियों या अन्य पक्षियों के संपर्क में न आए और इनसे दूरी बनाकर रखें। हाईजीन का ध्यान रखना चाहिए और अपने हाथों को नियमित रूप से धोते रहना चाहिए। अगर आपने घर में कोई पक्षी पाल रखा है तो कुछ वक्त के लिए उसके पास न जाएं और न बच्चों को जानें दें, मास्क पहनें। वहीं, विशेषज्ञ ये मानते हैं कि आप चिकन और अंडे का सेवन कर सकते हैं, बस इसके लिए आपको उसे 70 डिग्री पर पकाना होगा।