शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन के साथ रोजाना रात में 6-8 घंटे की नींद पूरी करने की सलाह दी है। अच्छी नींद शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए जरूरी है। शोधकर्ताओं ने बताया, जिन लोगों के रात की नींद पूरी नहीं होती है उनमें ब्लड प्रेशर के साथ कई प्रकार की अन्य क्रोनिक बीमारियों के विकसित होने का खतरा रहता है। सोना हमारी सेहत के लिए कितना जरूरी है इसको लेकर किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बड़ा दावा किया है।
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अनिद्रा की समस्या और मस्तिष्क से संबंधित विकार
हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जिन लोगों को अनिद्रा या नींद से संबंधित बीमारियां होती हैं उनके मस्तिष्क की क्षमता समय के साथ कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। नींद की कमी संज्ञानात्मक शिथिलता से जुड़ी है, यानी कि इसके कारण समय के साथ आपके मस्तिष्क के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
इनसोम्नियाक माउस मॉडल का उपयोग करके किए गए इस अध्ययन में पाया गया है कि संज्ञानात्मक कार्यों को ठीक रखने के लिए जरूरी है कि आप नींद की गुणवत्ता को ठीक रखें।
मस्तिष्क के लिए जरूरी प्रोटीन के बारे में पता चला
अमेरिकन केमिकल सोसायटी के जर्नल ऑफ प्रोटीन रिसर्च में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने एक सुरक्षात्मक प्रोटीन प्लियोट्रोफिन या पीटीएन की पहचान की है जो मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए बहुत आवश्यक है, हालांकि नींद की कमी की स्थिति में इसका स्तर भी कम होने लग जाता है।
पीटीएन को तंत्रिकाओं की सेहत, हड्डी के विकास, सूजन, कैंसर मेटास्टेसिस और ऊतकों की मरम्मत के लिए भी आवश्यक पाया गया है।
मस्तिष्क से संबंधित विकारों को कैसे कम करें?
अध्ययन की रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने नोट किया कि पीटीएन की मात्रा की कमी की स्थिति में मस्तिष्क में स्मृति और सीखने के लिए जिम्मेदार हिप्पोकैम्पस कोशिकाएं मरने लगती हैं। अल्जाइमर और अन्य न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों में भी इस प्रोटीन की मदद से सुधार करने के आसार हैं।
शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर आप अच्छी नींद लेते हैं तो यह इन कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मददगार है और मस्तिष्क से संबंधित विकारों को भी कम कर सकती है।
नींद में कैसे करें सुधार?
इस अध्यययन में वैज्ञानिकों ने कहा, नींद की गुणवत्ता में सुधार के लिए रात की नींद पर ही ध्यान दिया जाना आवश्यक है। इससे पहले जर्नल ऑफ द अमेरिकन जेरियाट्रिक्स सोसाइटी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कम सोने वाले लोगों का मस्तिष्क समय से पहले बूढ़ा होने लग जाता है। मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित बीमारियों के जोखिमों को कम करने के लिए नींद को सुधारने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
How sleep deprivation can harm the brain
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