फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Alzheimer's Day: कोविड-19 संक्रमितों में बढ़ गया है अल्जाइमर रोग का खतरा, डॉक्टरों की सलाह-जरूर कर लें ये काम

Wed, 21 Sep 2022 12:12 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Wed, 21 Sep 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
latest study says COVID-19 increases risk of developing Alzheimer's, all you need to know
कोविड-19 संक्रमितों में अल्जाइमर रोग की दिक्कत - फोटो : istock

कोरोना महामारी पिछले ढाई साल से अधिक समय से वैश्विक चिंता का कारण बनी हुई है। इसके कई वैरिएंट्स को काफी गंभीर और संक्रामक माना जाता रहा है, जिसके कारण शरीर में कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। कोरोना से संक्रमित रह चुके लोगों में लॉन्ग कोविड भी एक बड़े खतरे को तौर पर देखा जा रहा है जिसमें संक्रमण से ठीक होने के बाद लंबे समय तक भी लोगों में कोई न कोई लक्षण मौजूद देखे जा रहे हैं। इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना संक्रमण, अल्जाइमर जैसे गंभीर न्यूरोलॉजिकल विकारों के जोखिम को काफी हद तक बढ़ा सकता है।



शोधकर्ताओं ने पाया कि 60 या उससे अधिक आयु वाले लोगों में कोरोना संक्रमण के बाद अल्जाइमर रोग विकसित होने का जोखिम काफी बढ़ गया है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं की टीम ने ऐसे 62 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों में निदान के बाद एक वर्ष के भीतर डेमेंशिया का जोखिम 50 से 80 फीसदी तक अधिक पाया गया है।

शोधकर्ता कहते हैं, इस जोखिम को देखते हुए 60 से अधिक उम्र के जो लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उन्हें एहतियातन डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

latest study says COVID-19 increases risk of developing Alzheimer's, all you need to know
अल्जाइमर रोग का खतरा - फोटो : Pixabay

अल्जाइमर रोग के बारे में जानिए

अल्जाइमर रोग मस्तिष्क से संबंधित विकार है जो धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने की क्षमता को नष्ट कर देता है। इसकी गंभीर स्थितियों में लोगों के लिए एक समय के बाद आसान से घरेलू कार्यों को करना भी कठिन हो जाता है। 65 की आयु के बाद इस न्यूरोलॉजिकल बीमारी का जोखिम अधिक देखा जाता रहा है, हालांकि अध्ययन बताते हैं कि कोरोना संक्रमितों में अल्जाइमर विकसित होने का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस मस्तिष्क में इंफ्लामेशन का कारण बन रहा है जिसके कारण अल्जाइमर का जोखिम बढ़ जाता है।

अल्जाइमर रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है।

latest study says COVID-19 increases risk of developing Alzheimer's, all you need to know
अल्जाइमर डिजीज के जोखिम के बारे में जानिए - फोटो : istock

अध्ययन में क्या पता चला?

जर्नल ऑफ अल्जाइमर डिजीज में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस जोखिम को लेकर लोगों को सावधान किया है। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम ने फरवरी 2020 से मई 2021 के बीच कोरोना से संक्रमित रह चुके लोगों के डेटा का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने अल्जाइमर के जोखिम को जानने के लिए किए अध्ययन में पाया कि कोरोना का संक्रमण आपमें इस खतरे को बढ़ा देता है, बुजुर्ग महिलाओं में इसका खतरा और अधिक पाया गया।

इसके अलावा जिन लोगों में पहले से ही अल्जाइमर को बढ़ाने वाले जोखिम कारक जैसे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा आदि की समस्या थी उनमें कुछ प्रकार की और जटिलताओं का खतरा हो सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
latest study says COVID-19 increases risk of developing Alzheimer's, all you need to know
न्यूरोलॉजिकल विकारों का जोखिम - फोटो : pixa

क्या कहते हैं शोधकर्ता?

अध्ययन के सह-लेखक पामेला डेविस कहते हैं, कोरोना संक्रमण के कारण होने वाले संभावित खतरों के बारे में हमें और गंभीरता तथा विस्तार के साथ समझने की आवश्यकता है। वैसे अभी तक यह निर्धारित नहीं किया गया है कि क्या कोविड-19 सीधे तौर पर अल्जाइमर के विकास को ट्रिगर करता है? हालांकि जिस तरह से संक्रमण के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं में इंफ्लामेशन की समस्याओं के बारे में पता चलता है इसके आधार पर कहा जा सकता है कि कोरोना का संक्रमण अल्जाइमर रोग के साथ कई अन्य न्यूरोलॉजिकल विकारों के जोखिम को बढ़ावा देने वाला हो सकता है। इस बारे में सभी लोगों को सचेत रहने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
latest study says COVID-19 increases risk of developing Alzheimer's, all you need to know
अल्जाइमर रोग से बचाव के बारे में जानिए - फोटो : istock

क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपको लगता है कि आप कोविड संक्रमण के बाद पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए हैं तो इस बारे में जरूर किसी विशेषज्ञ से मिलें। लॉन्ग कोविड की समस्या कई प्रकार की अन्य दिक्कतों का कारक हो सकती है। वहीं जिन लोगों के परिवार में पहले भी किसी को अल्जाइमर रोग या किसी अन्य प्रकार के न्यूरोलॉजिकल विकारों की शिकायत रही हो उन्हें खतरे की गंभीरता को समझते हुए जांच जरूर करा लेनी चाहिए। कुछ रिपोर्ट्स ऐसे भी देखे गए हैं जो बताते हैं कि अल्जाइमर जैसे न्यूरोलॉजिकल विकारों की समस्या 60 से कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रही है।  ऐसे में कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद एहतियातन एक बार डॉक्टर की सलाह पर बॉडी चेकअप जरूर करा लेनी चाहिए।


---------------
स्रोत और संदर्भ
Association of COVID-19 with New-Onset Alzheimer’s Disease


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed