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Cancer Death: इस एक वजह से हर साल कैंसर से हो जाती हैं 13 लाख मौतें, कहीं आपमें भी तो नहीं है इसका जोखिम?

Fri, 17 Nov 2023 02:41 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 17 Nov 2023 02:41 PM IST
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latest Lancet study says million of death report every year by cancers caused by smoking
कैंसर से मौत का खतरा - फोटो : iStock

कैंसर वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम रहा है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में इसके बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत सहित सात देशों में तंबाकू से होने वाले कैंसर के कारण हर साल 13 लाख से अधिक लोगों की जान चली जाती है। ये आंकड़े सात देशों- भारत, चीन, ब्रिटेन, ब्राजील, रूस, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के हैं, जहां हर साल कैंसर से होने वाली मौतों के आधे से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।



शोधकर्ता कहते हैं, धूम्रपान को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता रहा है, कैंसर भी उनमें से एक है। भारत में भी धूम्रपान का जोखिम अधिक रहा है, जो कई प्रकार के कैंसर और इसके कारण होने वाली मृत्यु का जोखिम कारक हो सकती है।

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धूम्रपान और कैंसर का जोखिम - फोटो : istock

चार जोखिम कारक हर साल 20 लाख मौत के लिए जिम्मेदार

शोध में अध्ययनकर्ताओं ने नोट किया कि धूम्रपान के साथ ही तीन अन्य जोखिम कारक- शराब, मोटापा, और ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण संयुक्त रूप से लगभग दो मिलियन (20 लाख) लोगों की मौत हो जाती है।

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी), क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन (क्यूएमयूएल) और किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में कैंसर की रोकथाम और इसके जोखिम कारकों के बारे में समझने का प्रयास किया गया है।

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धुम्रपान से कई प्रकार के रोगों का खतरा - फोटो : Pixabay

धूम्रपान के कारण समय से पहले मृत्यु का खतरा

भारत में पुरुषों में सिर-गर्दन के कैंसर और महिलाओं में स्त्री रोग संबंधी कैंसर के कारण समय से पहले अधिक मौतें हुईं। अन्य देशों में तंबाकू-धूम्रपान के कारण फेफड़ों के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है, जो समय से पहले मृत्यु के प्रमुख कारकों में से एक है। पुरुषों में धूम्रपान और शराब पीने के कारण मृ्त्यु दर अधिक देखी जाती रही है, क्योंकि पुरुषों में धूम्रपान और शराब पीने की दर अधिक होती है।

अध्ययन से पता चलता है कि चीन, भारत और रूस में, तम्बाकू-धूम्रपान और शराब के कारण पुरुषों में जीवन के वर्षों की कमी महिलाओं की तुलना में नौ गुना अधिक थी। 

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कैंसर के जोखिम कारक - फोटो : Pixabay

क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?

क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जूडिथ ऑफमैन कहते हैं, "दुनियाभर के देशों में इन जोखिम कारकों और कैंसर से मृत्यु का खतरा बढ़ रहा है। विश्व स्तर पर, सर्वाइकल कैंसर से हर दो मिनट में एक की मृत्यु हो जाती है। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रिपोर्ट की जाती हैं। जांच और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रमों में अगर तेजी लाई जाए तो इसके खतरे को काफी कम किया जा सकता है। 

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धूम्रपान को कहें न - फोटो : Pixabay

धूम्रपान से दूरी है जरूरी

शोधकर्ता कहते हैं, तंबाकू-धूम्रपान पर अगर रोकथाम कर लिया जाए तो हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। ये आदत वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिमकारक है। इसी तरह से एचपीवी टीकाकरण को बढ़ाकर सर्वाइकल कैंसर से भी बचाव किया जा सकता है। कैंसर के खतरे को कम करने के लिए सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षात्मक उपायों को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है। धूम्रपान छोड़कर आप समय से पहले मृत्यु के जोखिम को कम कर सकते हैं। 



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स्रोत और संदर्भ
Incident cancers attributable to using opium and smoking cigarettes in the Golestan cohort study

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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