कैंसर वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम रहा है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में इसके बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत सहित सात देशों में तंबाकू से होने वाले कैंसर के कारण हर साल 13 लाख से अधिक लोगों की जान चली जाती है। ये आंकड़े सात देशों- भारत, चीन, ब्रिटेन, ब्राजील, रूस, अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के हैं, जहां हर साल कैंसर से होने वाली मौतों के आधे से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
Cancer Death: इस एक वजह से हर साल कैंसर से हो जाती हैं 13 लाख मौतें, कहीं आपमें भी तो नहीं है इसका जोखिम?
चार जोखिम कारक हर साल 20 लाख मौत के लिए जिम्मेदार
शोध में अध्ययनकर्ताओं ने नोट किया कि धूम्रपान के साथ ही तीन अन्य जोखिम कारक- शराब, मोटापा, और ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण संयुक्त रूप से लगभग दो मिलियन (20 लाख) लोगों की मौत हो जाती है।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी), क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन (क्यूएमयूएल) और किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में कैंसर की रोकथाम और इसके जोखिम कारकों के बारे में समझने का प्रयास किया गया है।
धूम्रपान के कारण समय से पहले मृत्यु का खतरा
भारत में पुरुषों में सिर-गर्दन के कैंसर और महिलाओं में स्त्री रोग संबंधी कैंसर के कारण समय से पहले अधिक मौतें हुईं। अन्य देशों में तंबाकू-धूम्रपान के कारण फेफड़ों के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है, जो समय से पहले मृत्यु के प्रमुख कारकों में से एक है। पुरुषों में धूम्रपान और शराब पीने के कारण मृ्त्यु दर अधिक देखी जाती रही है, क्योंकि पुरुषों में धूम्रपान और शराब पीने की दर अधिक होती है।
अध्ययन से पता चलता है कि चीन, भारत और रूस में, तम्बाकू-धूम्रपान और शराब के कारण पुरुषों में जीवन के वर्षों की कमी महिलाओं की तुलना में नौ गुना अधिक थी।
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जूडिथ ऑफमैन कहते हैं, "दुनियाभर के देशों में इन जोखिम कारकों और कैंसर से मृत्यु का खतरा बढ़ रहा है। विश्व स्तर पर, सर्वाइकल कैंसर से हर दो मिनट में एक की मृत्यु हो जाती है। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रिपोर्ट की जाती हैं। जांच और एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रमों में अगर तेजी लाई जाए तो इसके खतरे को काफी कम किया जा सकता है।
धूम्रपान से दूरी है जरूरी
शोधकर्ता कहते हैं, तंबाकू-धूम्रपान पर अगर रोकथाम कर लिया जाए तो हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। ये आदत वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिमकारक है। इसी तरह से एचपीवी टीकाकरण को बढ़ाकर सर्वाइकल कैंसर से भी बचाव किया जा सकता है। कैंसर के खतरे को कम करने के लिए सभी लोगों को व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षात्मक उपायों को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता है। धूम्रपान छोड़कर आप समय से पहले मृत्यु के जोखिम को कम कर सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
Incident cancers attributable to using opium and smoking cigarettes in the Golestan cohort study
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