दुनियाभर में कोरोना का डेल्टा वेरिएंट और म्यूटेशन के बाद बना डेल्टा प्लस वेरिएंट वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कोरोना का 'डेल्टा प्लस वेरिएंट' भारत में कोरोना की संभावित तीसरी लहर का कारण बन सकता है। इन सब के बीच कोरोना के एक अन्य वेरिएंट ने भी वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों ने कोरोना के 'लैम्ब्डा वेरिएंट' को भी काफी गंभीर बताते हुए कहा है कि इसे भी स्वास्थ्य संगठनों को 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' के रूप में देखना चाहिए।
सावधान: डेल्टा के साथ कोरोना के इस वेरिएंट ने भी बढ़ाई चिंता, ब्रिटेन और ब्राजील में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले
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ब्रिटेन में बढ़ रहे हैं लैम्बडा वेरिएंट के मामले
सबसे पहले अगस्त 2020 में पेरू में कोरोना के लैम्ब्डा वेरिएंट का पता चला था और तब से लेकर अबतक लगभग 29 देशों में यह फैल चुका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के इस वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में कई सारे म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसकी ट्रांसमिसिबिलिटी यानी संक्रमकता की दर काफी अधिक बढ़ा देती है। हालिया रिपोर्टस में यूनाइटेड किंगडम में इस वेरिएंट के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम में पिछले सप्ताह कोविड के डेल्टा वेरिएंट के 35204 नए मामले सामने आए हैं। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने इसके अलावा 23 फरवरी से 7 जून तक लैम्ब्डा वेरिएंट के छह मामलों की सूचना दी है। लैम्बडा के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीएचई ने इसे 'वेरिएंट अंडर इन्वेस्टिगेशन' के रूप में वर्गीकृत किया है।
कई देशों में पैर पसार रहा हैं यह वेरिएंट
कोरोना पर अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि सबसे पहले पेरू में इस नए वेरिएंट की पहचान की गई है। इसके प्रसार को देखते हुए इसे 'ग्लोबल वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस साल अप्रैल से पेरू में कोविड-19 के करीब 81 फीसदी मामलों को इसी वेरिएंट से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं दो महीने में चिली में कोरोना के 32 फीसदी मामलों को 'लैम्ब्डा वेरिएंट' का ही कारण माना जा रहा है। इसके अलावा अर्जेंटीना और इक्वाडोर जैसे अन्य देशों ने भी इस नए वेरिएंट के मामलों के बारे में सूचित किया है।
पीएचई की ओर से बताया गया है कि कोरोना के इस नए वेरिएंट की जांच चल रही है। यह कितना गंभीर और संक्रामक हो सकता है, साथ ही वैक्सीन इस पर कितनी असरदार होंगी, इस बारे में जांच के बाद ही स्पष्ट कहा जा सकता है। इस बीच ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने नए वेरिएंट से बचाव को लेकर लोगों के लिए इसके लक्षणों की एक सूची जारी की है।
- बुखार की समस्या।
- लगातार खांसी आना।
- गंध और स्वाद न आना।
स्वास्थ्य संगठनों को किया अलर्ट
शोधकर्ताओं ने इस वेरिएंट में आठ नए म्यूटेशन के बारे में जानकारी दी है। इससे पहले इसी वंश के वायरस में 19 म्यूटेशन देखा जा चुका है। इस वेरिएंट के प्री-प्रिंट अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया, कोरोना के लैम्ब्डा वेरिएंट को काफी अधिक संक्रामक माना जा रहा है। दक्षिणी ब्राजीलियाई समुदाय के साथ दुनिया के कई अन्य देशों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य संगठनों को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Lambda lineage of SARS-CoV-2 has potential to become variant of concern
First identification of SARS-CoV-2 Lambda (C.37) variant in Southern Brazil
अस्वीकरण नोट: यह लेख न्यूज मेडिकल लाइफ साइंस में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने भी इस वेरिएंट को लेकर चिंता जताई है।