दिन में उबासी आना आम बात है, लेकिन कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा उबासी आने लगती हैं, जिन्हें हम आम बात समझते हैं या फिर ऐसा मानता है कि अधिकतर थकान, नींद पूरी ना होना या किसी काम में इंटरेस्ट नहीं हो रहा है इसलिए उबासी आ रही है, लेकिन ऐसा नहीं है। उबासी का कनेक्शन हमारी हेल्थ से होता है। कई बार स्वास्थ्य से संबंधित समस्या होने के चलते उबासी ज्यादा आने लगती हैं। इसलिए आइए जानते हैं कि उबासी किस तरह की बीमारियों का संकेत देता है।
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thyroid
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लीवर खराब होने की स्थिति में शरीर को बहुत ज्यादा थकावट होने लगती है। थकान महसूस होने पर उबासी आती है। ऐसे में जब भी आपको ज्यादा उबासी आने लगे तो अपने लीवर का चैकअप जरुर करवाएं। इसके अलावा बार-बार उबासी आना हाईपोथाइरॉयड होने का संकेत हो सकता है। शरीर में थाइरॉयड हॉर्मोन कम बनने पर ऐसा होता है।
कुछ रिसर्चों में यह भी पता चला है कि ब्रेन स्टेम जख्म की वजह से ज्यादा उबासियां लगती है। पिट्यूटरी ग्लेंड दब जाने के कारण भी उबासी आती है। ऐसे में डॉक्टर से जरूर सलाह लें। इसके अलावा तनाव के कारण बीपी बढ़ जाता है और धड़कनें भी कम हो जाती हैं। ऐसा होने पर ऑक्सीजन ब्रेन तक नहीं पहुंच पाती। इस स्थिति में उबासी के जरिए शरीर में ऑक्सीजन पहुंचती है, इसलिए ज्यादा उबासी आने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
ज्यादा उबासी आना डायबिटिस्क में हाइपोग्लाइसीमिया के शुरुआत का संकेत होता है। जब शरीर में ब्लड ग्लूकोस का स्तर कम हो जाता है तो उबासी आनी शुरू हो जाती है। ऐसे में अगर आप डायबिटीज के पेशेंट हैं और आपको उबासी आ रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
चिकित्सकों का मानना है कि दिल और फेफड़ों की बीमारियों के कारण भी ज्यादा उबासी आती है। जब दिल और फेफड़े सही काम नहीं करते हैं तो अस्थमा का परेशानी होने लगती है।
नोटः अगर आप किसी भी बीमारी के पेशेंट हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।