लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने कई स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा दिया है। इसने स्टोन यानी पथरी के मामलों को भी बढ़ा दिया है। क्या आपको भी अक्सर पेट में तेज दर्द रहता है? अगर हां तो इसकी समय रहते जांच करा लें, ये पथरी होने का संकेत हो सकता है। अक्सर लोग पेट दर्द को गैस-अपच समझकर पेनकिलर खा लेते हैं। पर अगर आपको स्टोन है तो दवा लेने से दर्द तो कम हो सकता है पर समस्या अंदर ही अंदर बढ़ती रह सकती है।
Kidney-Gallbladder Stone: आपको भी है पथरी का शक? कैसे जानें स्टोन किडनी में है या गॉलब्लैडर में
किडनी स्टोन तब बनती है जब मूत्र में मौजूद कुछ खनिज और लवण मिलकर कठोर कण बना लेते हैं। दूसरी ओर गॉलब्लैडर स्टोन पित्ताशय में बनने वाली कठोर पथरी होती है, जो कोलेस्ट्रॉल या पित्त के अन्य तत्वों से बन सकती है।
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स्टोन की समस्या के कारण पेट में दर्द
डॉक्टर कहते हैं, अक्सर लोग पेट के दर्द को तब तक नजरअंदाज करते रहते हैं, जब तक संक्रमण, पेशाब रुकने या अन्य जटिलताएं सामने नहीं आ जातीं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए?
- किडनी में पथरी तब बनती है जब मूत्र में मौजूद कुछ खनिज मिलकर कठोर कण बना लेते हैं।
- दूसरी ओर गॉलब्लैडर स्टोन पित्ताशय में बनने वाली कठोर पथरी होती है, जो कोलेस्ट्रॉल या पित्त के अन्य तत्वों से बन सकती है।
अगर समय रहते सही जांच और इलाज हो जाए तो अधिकांश मामलों में गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। इसलिए शरीर के संकेतों को समझना ही सबसे बड़ा बचाव है।
किडनी स्टोन और गॉलब्लैडर स्टोन की समस्या
किडनी स्टोन मूत्र तंत्र का हिस्सा है, जबकि गॉलब्लैडर स्टोन पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या है।
- किडनी में बनने वाली पथरी कैल्शियम, यूरिक एसिड या अन्य खनिजों से बनती है और पेशाब के रास्ते नीचे आने पर तेज दर्द पैदा कर सकती है।
- वहीं गॉलब्लैडर स्टोन पित्ताशय में बनती है और अक्सर कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन के जमाव से तैयार होती है।
- कई लोगों में दोनों प्रकार की पथरी बिना लक्षण के भी रह सकती है, लेकिन जब वे रास्ता रोकती हैं तब दर्द शुरू होता है।
दर्द से कैसे पहचानें कि स्टोन कहां है?
किडनी स्टोन का दर्द आमतौर पर कमर के एक तरफ या पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर पेट के निचले हिस्से तक फैल सकता है। यह दर्द बिजली की करंट की तरह आता-जाता है। कई बार मरीजों को उल्टी की समस्या भी हो सकती है।
वहीं गॉलब्लैडर स्टोन का दर्द दाईं ऊपरी पसली के नीचे होता है। यह दर्द अक्सर तला-भुना या भारी भोजन खाने के बाद शुरू होता है और कुछ घंटों तक बना रह सकता है। यदि पथरी पित्त नली में फंस जाए तो पीलिया, तेज बुखार और पीलिया की भी समस्या हो सकती है।
किन लोगों में स्टोन का खतरा ज्यादा?
- यदि आप पानी कम पीते हैं, ज्यादा नमक खाते हैं या फिर मोटापे का शिकार हैं तो पथरी होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
- इसके अलावा जिन लोगों के पारिवार में पहले से किसी को किडनी स्टोन रहा है उनमें भी खतरा बढ़ जाता है।
- असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी भी पथरी के जोखिम को बढ़ा सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।