हमारे घरों में मौजूद औषधियां और मसाले सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी माने जाते रहे हैं। सिर्फ आयुर्वेद ही नहीं, समय के साथ मेडिकल साइंस ने भी माना है कि इनका सेवन कई गंभीर बीमारियों से बचाने के अलावा कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी फायदेमंद हो सकता है। जीरा ऐसा ही एक मसाला है जो न सिर्फ भोजन के स्वाद को बढ़ाने में मदद करता है साथ ही पेट की समस्याओं से लेकर डायबिटीज के कंट्रोल में रखने तक के लिए इसका नियमित सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
Health Tips: मेडिकल साइंस ने भी माना पेट की समस्याओं में रामबाण है ये उपाय, ब्लड शुगर भी रहेगा कंट्रोल
पाचन और आंत की समस्याओं में इसके लाभ
जीरा में पाए जाने वाले यौगिक आपके पाचन को ठीक रखने में काफी कारगर हो सकते हैं। खाली पेट जीरा का पानी पीने से इसके लक्षणों में सुधार देखा गया है। इसके अलावा यह आंतों को स्वस्थ रखने में भी फायदेमंद है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) वाले लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि चार महीने के दौरान मरीजों को लक्षणों में विशेष सुधार का अनुभव हुआ। दस्त-मल त्याग जैसी समस्याओं में रोगियों को काफी आराम मिला।
मधुमेह की जटिलताएं हो सकती है कम
जीरा के कुछ घटक, मधुमेह के लक्षणों को कम करने में भी काफी कारगर पाए गए हैं। एक नैदानिक अध्ययन से पता चलता है कि प्लेसबो की तुलना में अधिक वजन वाले रोगियों ने जीरे के पानी या अर्क के सेवन से मधुमेह के शुरुआती संकेतकों में सुधार किया है। जीरे में ऐसे घटक भी होते हैं जो मधुमेह की दीर्घकालिक जटिलताओं का को भी कम करने में कारगर हो सकते हैं।
ब्लड कोलेस्ट्रॉल भी रहता है कंट्रोल
ब्लड कोलेस्ट्रॉल के बढ़े हुए स्तर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक पाया गया है। अध्ययन में अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को शामिल किया गया। प्रतिदिन 3 ग्राम जीरा पाउडर या जीरा के पानी का सेवन करने से प्रतिभागियों ने कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी महसूस की। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने जीरा पाउडर का सेवन किया उनमें हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन या गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी अधिक था, जो हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने में सहायक हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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