भारत को दुनियाभर में 'डायबिटीज कैपिटल' के रूप में जाना जाता है। आंकड़ों के मुताबिक यहां 50 मिलियन (5 करोड़) से ज्यादा लोग मधुमेह से ग्रसित हैं। यह वास्तव में देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। मधुमेह को उस गंभीर बीमारी के रूप में जाना जाता है, जो शरीर को अंदर ही अंदर खोखला बनाती जाती है। तमाम चिकित्सा पद्धतियों में मधुमेह के इलाज की विधि और दवाइयां उपलब्ध हैं, पर आज हम बिना किसी दवा के इस गंभीर रोग को नियंत्रित करने के उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021: डायबिटीज रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद हैं यह योगासन, कीजिए नियमित अभ्यास
मधुमेह और योग
योग विशेषज्ञों के मुताबिक कई ऐसे आसन हैं जिनका रोजाना सही तरह से अभ्यास करके मधुमेह को नियंत्रित करने में लाभ मिल सकता है। टाइप-2 जैसे मधुमेह के मामले में भी योग से काफी लाभ प्राप्त किया जा सकता है। योग की मुद्राएं शरीर को रिलैक्स करने के साथ अग्न्याशय को फैलाती हैं, जो इंसुलिन-उत्पादक बीटा कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है। योग के रोजाना अभ्यास से आपको स्वयं लाभ दिखने लगते हैं। मधुमेह रोगी, आगे की स्लाइडों में बताए जा रहे तीन आसनों के रोजाना अभ्यास से लाभ पा सकते हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। अब पैर को मोड़ते हुए एड़ियों को कूल्हे के समीप लाने की कोशिश करें। टखनों को हाथों से मजबूती से पकड़ कर रखें। सांस अंदर लें और अपनी छाती को ऊपर उठाने की कोशिश करें। सीधे देखें और अपनी श्वास पर ध्यान केंद्रित करें। 15-20 सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें और फिर सांस छोड़ें। इस तरह से इस योग का अभ्यास करें।
चक्रासन (व्हील पोज)
इस आसन को करने के लिए पहले पीठ के बल लेट जाएं।अब, अपने घुटनों को मोड़ें और पैरों को जमीन पर ही रखें। अपनी हथेलियों को कंधों के नीचे लाएं और उन्हें फर्श पर मजबूती से दबाएं। अपने पैरों को फर्श पर मजबूती से दबाएं, श्वास लें और अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं। शरीर को अर्धवृत्त की आकार में लेकर आएं। अपनी बाहों और पैरों को जितना हो सके सीधा रखें ताकि आपके कूल्हे और छाती भी ऊपर की ओर उठे रहें। 15-20 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें और फिर पूर्ववत अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के बगल की ओर रखें। अब अपने पैरों को आपस में ऐसे मोड़ें जैसे शांत मुद्रा में बैठने के लिए मोड़ते हैं। सांस लेते हुए अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं। अब छाती को ढीला रखते हुए अपने सिर को इस तरह नीचे करें कि आपके सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छुए। आपके हाथ और पैर एक दूसरे के समानांतर होने चाहिए। 15-20 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें और फिर पूर्ववत अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं।
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नोट: यह लेख योगाचार्य की सलाह पर आधारित है। किसी भी योग को करने से पहले इसकी सही मुद्रा जानने के लिए विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
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