फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना के दुष्प्रभाव: महामारी के बाद इस रोग में दर्ज किया गया भारी उछाल, करीब 80% मरीज एडवांस स्टेज में

Tue, 01 Aug 2023 12:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 01 Aug 2023 12:22 PM IST
विज्ञापन
increase in leprosy cases after covid pandemic, know symptoms and risk factors of Leprosy in hindi
कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव - फोटो : iStock

साल 2019 से दुनियाभर में जारी कोरोना संक्रमण ने कई प्रकार से हमारी सेहत को क्षति पहुंचाई है। इसके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोरोना महामारी ने हृदय, फेफड़ों से लेकर बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज जैसी समस्याओं को काफी बढ़ा दिया है। इस बीच एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार विशेषज्ञों ने मुंबई सहित कई राज्यों में कुष्ठ रोग के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 महामारी के बाद से मुंबई में साल 2022-23 में 626 मामले दर्ज किए गए जो साल 2021-22 के आंकड़ों से 87 प्रतिशत अधिक हैं। 



मुंबई में साल 2021-22 में 335 और 2018-19 में 474 मामले दर्ज किए गए थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि कोविड-19 महामारी के अप्रत्यक्ष दुष्प्रभावों के कारण यह स्थिति बिगड़ी है। महामारी के दौरान लोगों में स्क्रीनिंग कम हो गई, जिसके कारण ज्यादातर रोगियों में यह बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच गई है।

increase in leprosy cases after covid pandemic, know symptoms and risk factors of Leprosy in hindi
कुष्ठ रोग के मामले - फोटो : Pixabay

अधिकतर रोगी एडवांस स्टेज में

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीमारी के बढ़ते मामलों से कहीं ज्यादा चिंताजनक इसका एडवांस स्टेज में पहुंचना माना जा रहा है। बीमारी के उन्नत चरण में रोगियों के अनुपात में वृद्धि देखी जा रही है। 2022-23 में मामलों में आश्चर्यजनक रूप से 77 प्रतिशत मामले उन्नत चरण मल्टीबैसिलरी (एमबी) में पाए गए।

क्या कोविड-19 सीधे तौर पर इस रोग के जोखिमों को बढ़ा रही है, इस बारे में फिलहाल अध्ययनों में कुछ स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों ने पाया कि महामारी ने अप्रत्यक्ष तौर पर, जिसमें बीमारी की स्क्रीनिंग की कमी को प्रमुख माना जा रहा है, इसने कुष्ठ रोग के मामलों को काफी बढ़ा दिया है।

increase in leprosy cases after covid pandemic, know symptoms and risk factors of Leprosy in hindi
कुष्ठ रोग के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : iStock

कुष्ठ रोग के बारे में जानिए

कुष्ठ रोग, एक संक्रामक बीमारी है जो आपके शरीर के किसी भी हिस्से, हाथ, पैर और में घावों और तंत्रिका क्षति का कारण बनता है। कुष्ठ रोग बहुत संक्रामक नहीं होता है, इसके संक्रमण का जोखिम तभी होता है जब आप अनुपचारित कुष्ठ रोगी की नाक और मुंह की ड्रॉपलेट्स के निकट और सीधे संपर्क में आते हैं। वयस्कों की तुलना में बच्चों में कुष्ठ रोग होने की आशंका अधिक होती है।

रोगियों को स्क्रीनिंग और विशेष देखभाल जरूरी होती है। कोविड महामारी के दौरान स्क्रीनिंग में कमी के कारण इस रोग के मामले काफी बढ़े हुए रिपोर्ट किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
increase in leprosy cases after covid pandemic, know symptoms and risk factors of Leprosy in hindi
समय रहते जांच जरूरी - फोटो : iStock

क्या गंभीर हो सकते हैं इसके लक्षण?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहत हैं, मल्टीबैसिलरी मामलों का बढ़ा हुआ मामला चिंता का कारण है। लोग अक्सर सफेद धब्बे जैसे शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। कई मामलों में बीमारी का पता ही तब चल पाता है जब ये तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा चुकी होती है, जिससे विकृति हो सकती है। कुष्ठ रोग, मुख्य रूप से आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के बाहर की त्वचा और नसों को प्रभावित करती है।

तंत्रिकाओं में होने वाली क्षति के कारण हाथ और पैर में संवेदना की कमी होने और मांसपेशियों में कमजोरी का खतरा अधिक हो सकता है।

विज्ञापन
increase in leprosy cases after covid pandemic, know symptoms and risk factors of Leprosy in hindi
कुष्ठ रोग का हो सकता है इलाज - फोटो : iStock

समय पर निदान और उपचार से हो सकता है इसका इलाज

डॉक्टर कहते हैं, अगर समय पर कुष्ठ रोग की पहचान और इलाज हो जाए तो इसके लक्षणों को कम करने और बीमारी को ठीक करने में लाभ मिल सकता है। कुष्ठ रोग ठीक हो सकता है, पिछले 2 दशकों में कुष्ठ रोग से पीड़ित 16 मिलियन लोग ठीक हो चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन कुष्ठ रोग से पीड़ित सभी लोगों का निःशुल्क उपचार प्रदान करता है। अगर आपको या आसपास किसी व्यक्ति में इसके लक्षण दिखें तो तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाएं।



---------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed