Heart Disease Risk: हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु का प्रमुख कारण बने हुए हैं। साल 2023 के आंकड़ों के मुताबिक इस साल कार्डियोवैस्कुलर रोगों (सीवीडी) के कारण 1.92 करोड़ से अधिक लोगों की मौत हो गई। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि साल-दर-साल खतरा बढ़ता ही जा रहा है। जिस तरह से लोगों की दिनचर्या और खान-पान में गड़बड़ी हो रही है, हृदय रोगों का जोखिम और भी अधिक हो सकता है।
Heart Problems: शहरों में तेजी से बढ़ रहे हैं हार्ट के मरीज, डॉक्टरों ने बताई इसकी मुख्य वजहें
शहरी क्षेत्र और मैट्रो सिटी में हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी बदली हुई जीवनशैली। पहले लोग शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहते थे, अधिक मेहनत थे और तनाव कम था।
शहरी क्षेत्रों में बढ़ रहे हैं हृदय रोगों के मामले
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शहरी क्षेत्र और मैट्रो सिटी में हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी बदली हुई जीवनशैली। पहले लोग शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहते थे, अधिक मेहनत थे और तनाव कम था। लेकिन अब कामकाज का तरीका, खानपान, नींद और तनाव सब कुछ बदल गया है।
मैट्रो सिटी में रहने वाले लोगों की जीवनशैली गांव या छोटे शहरों से बिलकुल अलग होती है। दिनभर ऑफिस का काम, घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना, देर रात तक जागना और फास्ट-जंक फूड्स खाने की आदत सीधे दिल की सेहत को प्रभावित करती हैं।
बढ़ते हृदय रोगों की वजह क्या है?
अध्ययन के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ये समझने की कोशिश की है कि वो कौन से कारण हैं जो पेशेवर लोगों के दिल की सेहत बिगाड़ रहे हैं।
रिपोर्ट में पहचाने गए प्रमुख कारणों में शारीरिक गतिविधियों की कमी प्रमुख थी। 65 प्रतिशत कर्मचारी दिनभर में 30 मिनट से कम समय किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि में खर्च करते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठे-बैठे काम करते रहने का भी हृदय स्वास्थ्य पर सीधा असर देखा जाता रहा है।
विशेषज्ञों ने पाया कि ज्यादातर कर्मचारी सीढ़ियों की जगह लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं और सब्जी-घर के सामान लाने के लिए पैदल जाने के बजाय गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं, ये सभी स्थितियां शारीरिक गतिविधियों को कम कर देती हैं और हृदय रोगों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
इन स्थितियों पर भी ध्यान देना जरूरी
इसके अलावा, शहरी लोगों में गांव वालों की तुलना में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी अधिक देखा गया। इस तरह के खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट, नमक और चीनी का मात्रा अधिक होती है जो धीरे-धीरे धमनियों में प्लाक जमा कर देती है। इससे खून का प्रवाह बाधित होता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ जाता है।
तनाव भी शहरों में एक आम समस्या है। लगातार तनाव से शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन बढ़ जाते हैं जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को असामान्य बना देते हैं। लंबे समय तक यही स्थिति हृदय रोग का खतरा पैदा करती है।
फिर हृदय रोगों से बचने के लिए क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं, अगर हम समय रहते कुछ सावधानियां अपनाएं तो दिल की बीमारी को समय पर रोका जा सकता है। सबसे पहले जरूरा है कि आपकी जीवनशैली स्वस्थ हो।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चलने या व्यायाम करने की आदत बनाएं इससे दिल मजबूत बनाता है।
- आहार में सुधार करना भी जरूरी है। संतुलित आहार लें जिसमें ताजे फल-सब्जियां, साबुत अनाज और ड्राई फ्रूट्स की मात्रा हो। इसके अलावा तले हुए और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
- हृदय रोगों के खतरे को कम करने के लिए तनाव कम करें। योग, ध्यान और पर्याप्त नींद इसमें आपके लिए मददगार हो सकती हैं।
- अगर आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो समय-समय पर डॉक्टर की जांच कराते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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