फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Heart Problems: शहरों में तेजी से बढ़ रहे हैं हार्ट के मरीज, डॉक्टरों ने बताई इसकी मुख्य वजहें

Tue, 30 Sep 2025 05:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 30 Sep 2025 05:48 PM IST
सार

शहरी क्षेत्र और मैट्रो सिटी में हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी बदली हुई जीवनशैली। पहले लोग शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहते थे, अधिक मेहनत थे और तनाव कम था। 

विज्ञापन
increase in heart disease among professionals in major metro cities know what are the causes of it
हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : Adobe Stock Images

Heart Disease Risk: हृदय रोग दुनियाभर में मृत्यु का प्रमुख कारण बने हुए हैं। साल 2023 के आंकड़ों के मुताबिक इस साल कार्डियोवैस्कुलर रोगों (सीवीडी) के कारण 1.92 करोड़ से अधिक लोगों की मौत हो गई। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि साल-दर-साल खतरा बढ़ता ही जा रहा है। जिस तरह से लोगों की दिनचर्या और खान-पान में गड़बड़ी हो रही है, हृदय रोगों का जोखिम और भी अधिक हो सकता है।



भारतीय आबादी में भी हृदय रोग एक बड़ी चुनौती देखी जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट्स बताते हैं, शहरी क्षेत्रों विशेषकर मैट्रो सिटी में रहने वाले लोगों में हृदय स्वास्थ्य की समस्या अधिक देखी जा रही है। सितंबर 2025 में प्रकाशित द इंडिया इंक हार्ट इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में प्रमुख मेट्रो शहरों में रहने वालों में हृदय रोगों के मामलों में  40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इनमें ऑफिस में काम करने वाले पेशेवर लोगों के मामले सबसे अधिक हैं। 

शहरी आबादी में हार्ट की समस्याएं क्यों बढ़ रही हैं और इससे बचे रहने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? आइए इस बारे में समझते हैं।

increase in heart disease among professionals in major metro cities know what are the causes of it
हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com

शहरी क्षेत्रों में बढ़ रहे हैं हृदय रोगों के मामले

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शहरी क्षेत्र और मैट्रो सिटी में हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी बदली हुई जीवनशैली। पहले लोग शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहते थे, अधिक मेहनत थे और तनाव कम था। लेकिन अब कामकाज का तरीका, खानपान, नींद और तनाव सब कुछ बदल गया है।

मैट्रो सिटी में रहने वाले लोगों की जीवनशैली गांव या छोटे शहरों से बिलकुल अलग होती है। दिनभर ऑफिस का काम, घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना, देर रात तक जागना और फास्ट-जंक फूड्स खाने की आदत सीधे दिल की सेहत को प्रभावित करती हैं। 

increase in heart disease among professionals in major metro cities know what are the causes of it
ज्यादा बैठे रहने की आदत नुकसानदायक - फोटो : freepik.com

बढ़ते हृदय रोगों की वजह क्या है?

अध्ययन के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ये समझने की कोशिश की है कि वो कौन से कारण हैं जो पेशेवर लोगों के दिल की सेहत बिगाड़ रहे हैं।

रिपोर्ट में पहचाने गए प्रमुख कारणों में शारीरिक गतिविधियों की कमी प्रमुख थी। 65 प्रतिशत कर्मचारी दिनभर में  30 मिनट से कम समय किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि में खर्च करते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठे-बैठे काम करते रहने का भी हृदय स्वास्थ्य पर सीधा असर देखा जाता रहा है। 

विशेषज्ञों ने पाया कि ज्यादातर कर्मचारी सीढ़ियों की जगह लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं और सब्जी-घर के सामान लाने के लिए पैदल जाने के बजाय गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं, ये सभी स्थितियां शारीरिक गतिविधियों को कम कर देती हैं और हृदय रोगों को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
increase in heart disease among professionals in major metro cities know what are the causes of it
तनाव के कारण हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com

इन स्थितियों पर भी ध्यान देना जरूरी

इसके अलावा, शहरी लोगों में गांव वालों की तुलना में जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी अधिक देखा गया। इस तरह के खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट, नमक और चीनी का मात्रा अधिक होती है जो धीरे-धीरे धमनियों में प्लाक जमा कर देती है। इससे खून का प्रवाह बाधित होता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ जाता है।

तनाव भी शहरों में एक आम समस्या है। लगातार तनाव से शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन हार्मोन बढ़ जाते हैं जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को असामान्य बना देते हैं। लंबे समय तक यही स्थिति हृदय रोग का खतरा पैदा करती है।

विज्ञापन
increase in heart disease among professionals in major metro cities know what are the causes of it
हार्ट हेल्थ का कैसे रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com

फिर हृदय रोगों से बचने के लिए क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं, अगर हम समय रहते कुछ सावधानियां अपनाएं तो दिल की बीमारी को समय पर रोका जा सकता है। सबसे पहले जरूरा है कि आपकी जीवनशैली स्वस्थ हो।

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चलने या व्यायाम करने की आदत बनाएं इससे दिल मजबूत बनाता है।
  • आहार में सुधार करना भी जरूरी है। संतुलित आहार लें जिसमें ताजे फल-सब्जियां, साबुत अनाज और ड्राई फ्रूट्स की मात्रा हो। इसके अलावा तले हुए और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
  • हृदय रोगों के खतरे को कम करने के लिए तनाव कम करें। योग, ध्यान और पर्याप्त नींद इसमें आपके लिए मददगार हो सकती हैं।  
  • अगर आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो समय-समय पर डॉक्टर की जांच कराते रहें।




-------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed