परिवार में यदि कोई भी अस्वस्थ हो जाता है तो हम बहुत जल्दी घबरा जाते हैं और यह साल तो फिर पूरा कोरोना को ही समर्पित है। ऐसे में यदि घर का कोई सदस्य कोरोना पॉजिटिव आ जाता है और घर पर ही उपचार हो रहा है तो हिम्मत न हारें, मरीज के सामने तो बिल्कुल कमजोर न पड़ें। समय है कि परिपक्वता दिखाते हुए आप सारी चीजों का संभालें, घर में सभी की सेहत का ध्यान रखें। ऐसी स्थिति में कई सारे प्रश्न भी दिमाग में आते हैं, जैसे क्या अब सभी सदस्यों को घर में दिनभर मास्क पहनना होगा, किन वस्तुओं को कब-कब सैनिटाइज करना होगा आदि। अगली स्लाइड्स के माध्यम से हम आपके सभी प्रश्नों को हल कर देंगे।
घर का कोई सदस्य यदि है कोरोना संक्रमित तो जानिए इन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब
लक्षण न दिखने पर भी क्या कराना चाहिए जांच?
यदि घर पर कोई कोरोना पॉजिटिव आ जाता है तो सभी सदस्यों के दिमाग में यह प्रश्न सबसे पहले आता है। कई लोग सोचते हैं हम तो घर पर थे ही नहीं एक दिन के लिए तो लौटे थे, फिर भी जांच कराएं। चिकित्सकों का कहना है कि यदि आप मरीज के संपर्क में नहीं आएं हैं पर मरीज के साथ एक ही जगह पर रहे हैं तो बेहद जरूरी है कि समय से जांच करा लें फिर चाहे लक्षण नहीं ही क्यों न दिख रहे हो।
क्या घर को पूरा बंद रखें?
कोरोना पीड़ितों के घरों में यह भी एक दुविधा रहती है। कोरोना से जुड़ी कई शोधों में यह भी सामने आया है कि यह हवाई बीमारी भी है। इसलिए अधिकतर लोग संशय में रहते हैं। लेकिन बहुत जरूरी है कि कोरोना पीड़ित मरीजोंं को सांस लेने के लिए खुली वायु मिले। इसलिए दरवाजे न सही पर खिड़कियों को तो पूरे समय खुला रखें। मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकेगा।
क्या खाना- पानी देने जा सकते हैं?
यह तो तय बात है कि घर का जो सदस्य कोरोना पीड़ित है उसे अलग तो रखना पड़ेगा और उनका दूर से ही ख्याल भी रखना होगा। घर के सदस्यों के मन में यह प्रश्न रहता है कि उन तक खाना-पानी कैसे पहुंचाये। इसका तरीका यह है कि जब भी उन्हें खाना दें तो 6 फीट दूर से ही रख आएं और हाथों में ग्लव्स जरूर पहनें।
सैनिटाइजर का उपयोग करें या हाथ धोएं?
जब भी कोरोना पीड़ित मरीज को कोई सामान देते हैं या उनके द्वारा छू ली गई वस्तु पर हाथ लगता है तो सैनिटाइजर के बजाय 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोयें। आपके लिए ये ज्यादा सुरक्षित होगा और यदि हाथ नहीं धो पा रहे हैं, तब तो सैनिटाइजर के प्रयोग से ही काम चलाएं।