डॉक्टर सिद्धार्थ गुप्ता
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देश में तरह-तरह के घरेलू उपायों के प्रयोग में लाया जा रहा है। गर्म पानी और काढ़े से लेकर तमाम तरह के इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों के सेवन को इन दिनों कोरोना वायरस से बचाने वाले ढाल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। भाप लेना भी ऐसा ही एक उपाय है जिसे विशेषज्ञ, संक्रमण से सुरक्षा देने वाले उपायों में से एक मान रहे हैं।
भारत में सदियों से भाप लेने का चलन है, इतना ही नहीं विशेषज्ञ इसे सुश्रुत के समय में भी सांस की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले उपायों में से एक मानते हैं। लेकिन क्या आप भाप लेने के सही तरीके के बारे में जानते हैं, वह तरीका जो सांस की तमाम समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ आपको मौजूदा समय के कोरोना जैसे घातक संक्रमण से बचा सकता है? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं।
कोरोना संक्रमण: भाप लेते समय न करें ऐसी गलती, विशेषज्ञों से जानें भाप लेने का सही तरीका
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भाप लेने से क्या फायदे हैं?
इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने नोएडा में एंटी कोरोना टास्क फोर्स के डॉक्टर सिद्धार्थ गुप्ता से बातचीत की। डॉ सिद्धार्थ बताते हैं कि कोरोना के समय में भाप लेना काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे श्वसन प्रणाली तो ठीक ही रहती है, साथ ही यदि आपके फेफड़ों तक कोरोना या कोई अन्य संक्रमण पहुंच गया है, ऐसे मामलों में भी इससे लाभ मिलता है।
भाप लेने का सही तरीका क्या है?
इस बारे में डॉक्टर सिद्धार्थ कहते हैं कि सामान्य तौर से पानी को गर्म करके भाप लिया जाता है, घरों में यही तरीका सबसे आसान होता है। इसके अलावा अब बाजार में कई तरह के उपकरण भी आ गए हैं जिनसे आप आसानी से भाप ले सकते हैं। भाप लेते समय ध्यान रखें कि इसका असर गले और श्वसन नली के आखिर तक जाना चाहिए जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके।
पानी में क्या डाल सकते हैं?
डॉक्टर सिद्धार्थ बताते हैं कि सादे पानी से भी भाप लिया जा सकता है। इसके अलावा आप चाहें तो पानी में दालचीनी के टुकड़े को हाथों से मसलकर डालें और उसे गर्म करके भाप लें। इससे ज्यादा लाभ मिलता है। इस तरीके को प्रयोग में लाने से न सिर्फ गंध न आने की समस्या दूर होती है साथ ही सांस की दिक्कतों में भी राहत मिलती है।
भाप लेते समय मुंह खोलकर रखना चाहिए, ऐसा करने से साइनस और मुंह के अंदुरूनी हिस्सों को भी फायदा मिलता है। इसके अलावा यदि संक्रमण शुरुआती स्थिति में आपके गले या नाक में है, तो इस उपाय से आपको लाभ मिलता है। भाप में मौजूद उष्मा वायरस को बढ़ने से रोकने में सहायक है।