देश में तेजी से बढ़ता कोरोना का संक्रमण एक बार फिर से लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। तीसरी लहर के बाद जहां एक समय ऐसा लगने लगा था कि अब कोरोना से मुक्ति मिल जाएगी, इसी बीच ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण लोगों की मुश्किलें दोबारा बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से अध्ययनों में नए वैरिएंट्स की संक्रामता दर अधिक देखी जा रही है, वह निश्चित ही डराने वाली है। इससे बचाव के लिए हम सभी को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का लगातार पालन करते रहने के साथ इम्युनिटी को मजबूत करने वाले उपायों को लेकर भी प्रयास करते रहने होंगे।
विशेषज्ञों ने चेताया: बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच बरतें विशेष सावधानी, ये तीन लक्षण कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के हैं संकेत
कमजोर इम्युनिटी और कोविड-19
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, आपमें कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा देती है। जब वायरस श्वसन मार्ग से शरीर में प्रवेश करता है तब प्रतिरक्षा प्रणाली इससे मुकाबला करके वहीं निष्क्रिय कर देती है। वहीं जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें संक्रमण बढ़ जाता है और गंभीर रूप लेने का खतरा हो सकता है।
हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी स्थितियों में स्वाभाविक तौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, यही कारण है कि ऐसे लोगों में संक्रमण होने और इसकी गंभीरता का खतरा अधिक होता है। आइए जानते हैं कि किन लक्षणों के आधार पर इम्युनिटी पावर की कमजोरी का अंदाजा लगाया जा सकता है?
बार-बार सर्दी जुकाम होना
वयस्कों के लिए साल में 2-3 बार सामान्य सर्दी-जुकाम होना सामान्य है, हालांकि अगर मौसम बदलते ही आपको छींक आना या बुखार शुरू हो जाता है तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। यह आपकी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का संकेत हो सकती है। जिन लोगों की इम्युनिटी पावर कमजोर होती है, उनमें अन्य लोगों के मुकाबले मौसमी बुखार और संक्रमण का खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाले उपायों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।
घावों का जल्दी न भरना
त्वचा में होने वाले कट या घावों को ठीक होने में अगर ज्यादा समय लग रहा है तो इसे भी इम्युनिटी पावर की कमजोरी का एक संकेत माना जाता है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बीमारी से बचाने के साथ घावों को तेजी से भरने के लिए भी आवश्यक है। मधुमेह के शिकार लोगों में इसी वजह से घावों को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है। ऐसे लोगों में भी कोविड-19 और अन्य तरह के संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है।
ऊर्जा में कमी या अक्सर कमजोरी महसूस होना
प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी की स्थिति में आपमें अक्सर थकान और कमजोरी की समस्या बनी रह सकती है। जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें किसी प्रकार के रोग की स्थिति में शरीर को मुकाबले के लिए अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, यही कारण है कि आपमें कमजोरी की दिक्कत बनी रह सकती है। नींद पूरी होने के बावजूद अगर आप अक्सर थका हुआ महसूस करते रहते हैं, तो इसे इम्युनिटी की कमजोरी का संकेत माना जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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