दुनिया में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र किया जाए तो इस सूची में हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह को शीर्ष पर रखा जाता है। हाल के वर्षों में मोटापे की समस्या को भी इस सूची में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह की तरह ही मोटापे की समस्या को भी 'साइलेंट किलर' माना जा सकता है। मोटापे की समस्या कई प्रकार की गंभीर और घातक बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देती है। कोरोना महामारी के इस दौर में लोगों को अपने वजन पर नियंत्रण करने की सलाह दी जा रही है, मोटापे को कोरोना का भी संभावित जोखिम कारक माना जाता है। इसी तरह से मोटापे के शिकार लोगों में हृदय रोग, मधुमेह और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों का भी जोखिम अधिक होता है। जब मोटापे की बात आती है तो पेट की चर्बी (बेली फैट) को कम कर पाना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है।
सावधान: बढ़ रही है पेट के आसपास की चर्बी? आप भी जरूर कर रहे होंगे ऐसी गलतियां
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खड़े होकर पानी पीना नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आजकल लोगों के पास बैठकर और शांति से भोजन करने का समय नहीं है ऐसे में अक्सर खड़े होकर या चलते समय पानी पीना या खाना खाना सामान्य हो गया है। खड़े होकर पानी पीने की आदत पेट की चर्बी को बढ़ा सकती है। आयुर्वेद कहता है कि मानव शरीर इस तरह से बनाया गया है कि अगर आप बैठकर और पीठ सीधी करके चीजों का सेवन करते हैं तो इससे अधिकतम लाभ मिलता है। खड़े होकर पानी पीने की आदत के कई नुकसान हो सकते हैं।
सोडा का सेवन अधिक करना
सोडा जैसे कार्बोनेटेड शुगर ड्रिंक स्वाद में भले ही अच्छे होते हैं लेकिन इनका ज्यादा सेवन सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। आमतौर पर एक गिलास सोडा वाले पेय में 39 ग्राम चीनी का मात्रा होती है जो हमारे दैनिक अनुशंसित चीनी के सेवन से अधिक है।अध्ययनों के अनुसार सोडा का ज्यादा सेवन करने वाले लोगों में पेट की चर्बी जमा होने का जोखिम 70 फीसदी तक बढ़ जाता है।
आहार में प्रोबायोटिक्स की कमी
प्रोबायोटिक्स, ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो आंत के बैक्टीरिया के स्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं, जिससे पाचन तंत्र साफ और स्वस्थ रहता है। दही जैसे खाद्य पदार्थ प्रोबायोटिक्स से भरपूर माने जाते हैं जिसका सेवन पेट फूलने और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं को ठीक करने में सहायक हो सकता है। आहार में प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ाकर पेट की चर्बी जमा होने के खतरे को कम किया जा सकता है।
भोजन छोड़ें नहीं
अक्सर पेट की चर्बी या मोटापे को कम करने के लिए लोग डाइटिंग शुरू कर देते हैं जिसमें अक्सर वह एक समय भोजन छोड़ देते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस आदत को सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक भोजन छोड़ने से वजन कम होने की जगह कमर के आसपास चर्बी बढ़ने का खतरा रहता है। किसी समय पर भोजन न करने से मेटाबॉलिज्म की दर कम हो जाती है जिससे कैलोरी कम बर्न हो पाती है। इस स्थिति में पेट की चर्बी बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है।
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नोट: यह लेख तमाम मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला के हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।