Digestive Health Tips: हम सभी बचपन से ही एक कहावत सुनते आ रहे हैं, ''पेट ठीक तो शरीर स्वस्थ'', यानी कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पाचन स्वास्थ्य का ठीक रहना बहुत जरूरी हो जाता है। पर क्या वास्तव में इस तरफ हमारा ध्यान जाता है? क्या अपने पाचन तंत्र को ठीक रखने के लिए हम सभी गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं?
Gut Health: पेट से जुड़ी रोज की दिक्कतें आसानी से हो जाएंगी दूर, आंतों के डॉक्टर ने बताए इसके कारगर उपाय
- पाचन तंत्र सीधा हमारी इम्युनिटी, मानसिक और हृदय स्वास्थ्य से जुड़ा है। अगर पेट बार-बार खराब रहता है तो शरीर में जरूरी पोषण सही से अवशोषित नहीं हो पाता, जिससे कमजोरी, थकान और बार-बार बीमार पड़ने जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।
पहले जान लीजिए पाचन की दिक्कतें होती क्यों हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेट से जुड़ी समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है हमारी गड़बड़ जीवनशैली। आजकल लोग ज्यादातर समय बैठे रहते हैं इससे शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। आहार में गड़बड़ी जैसे फास्ट फूड या तैलीय- मसालेदार खाना लोगों की पहली पसंद बन गया है। इसके अलावा तनाव, नींद की कमी और अनियमित खानपान की समस्या भी लोगों में देखी जा रही हैं। ये सभी मिलकर आपके पाचन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं।
आइए जानते हैं कि इन समस्याओं से बचाव कैसे किया जा सकता है?
क्या कहते हैं डॉक्टर?
पेट से जुड़ी समस्याओं से बचाव के लिए डॉ सौरभ सेठी ने सात ऐसी गजब की जानकारियां साझा की हैं, जो न सिर्फ आपके पेट को ठीक रखने में मदद कर सकती हैं बल्कि इससे संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। डॉ सेठी बताते हैं, आंतों की सेहत को ठीक रखना अच्छी सेहत का सबसे जरूरी नींव है।
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अगर आपकी आंतें स्वस्थ हैं तो इससे मूड, पाचन, नींद, भूख तो ठीक रहता ही है साथ ही शरीर में इंफ्लेमेशन का खतरा भी कम होता है जो तमाम बीमारियों की जड़ है।
पाचन तंत्र को कैसे स्वस्थ रखें?
पेट और संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए आइए जानते हैं कि डॉक्टर सेठी क्या सलाह देते हैं?
- पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए पूरे पके केले की जगह हल्के हरे रंग के केले खाना ज्यादा अच्छा रहता है। इसमें रेसिस्टेंस स्टार्च की मात्रा अधिक होती है जो आंतों में गुड बैक्टीरिया के पोषण में मदद करते हैं। इससे शुगर भी नहीं बढ़ता और पाचन भी ठीक रहता है।
- इसके साथ आहार में औषधियों-मसालों को जरूर शामिल करें। हल्दी, अदरक, सौंफ सिर्फ भोजन का स्वाद नहीं बढ़ाते बल्कि ये इंफ्लेमेशन को कम करने और पाचन को ठीक रखने में मददगार पाए गए हैं। इनका सेवन जरूर करें। डॉ सेठी कहते हैं मैं स्वयं इन तीनों का रोजाना सेवन करता हूं।
- यदि आप बहुत अधिक तनाव लेते हैं तो इसका सीधा असर आंतों की सेहत पर पड़ता है। हमारी वेगस नर्वस आंतों और ब्रेन को जोड़ती है। ऐसे में जो लोग अधिक तनाव लेते हैं उनमें इसके कारण पाचन में गड़बड़ी, पेट फूलने और कब्ज की दिक्कत बढ़ जाती है। इसका असर पूरे शरीर पर भी पड़ने लगता है।
- आहार में फर्मेंटेड फूड्स को भी जरूर शामिल करना चाहिए। किमची, योगर्ट जैसी चीजें आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देती हैं। इस तरह की चीजों का सेवन करके गैस-पेट फूलने की समस्या से बचने, इम्युनिटी बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में भी मदद मिलती है।
- अध्ययनों में ब्लूबेरी और अनार के सेवन को आंतों की सेहत को ठीक रखने और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस कम करने में फायदेमंद पाया गया है। इसे भी आहार का हिस्सा जरूर बनाएं।
- दिन में तीन बार शौच जाना सामान्य है। पर ऐसे उपाय करें कि शौच के लिए आपको ज्यादा ताकत न लगानी पड़े। इसके लिए खूब पानी पिएं और फाइबर से भरपूर चीजें खाएं। पेट साफ रहना अच्छी सेहत का संकेत है।
- आंतों की सेहत का सीधा असर आपके दिमाग की सेहत पर पड़ता है। अगर आपका पाचन ठीक नहीं है तो ये मूड को भी खराब कर सकता है। असल में आपको खुश महसूस कराने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का 90% हिस्सा आंतों में ही बनता है। ऐसे में अगर आंतें स्वस्थ हैं तो आपका मूड भी ठीक रहता है।
तो अगली बार एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्या हो तो उसे नजरअंदाज न करें। यह आपके शरीर का अलार्म है, जो आपको चेतावनी दे रहा है कि अब अपनी लाइफस्टाइल सुधारने का समय आ गया है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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