नौकरीपेशा लोगों के दिन के 8-10 घंटे ऑफिस में निकल जाते हैं। इस दौरान एक ही पोजीशन में बैठकर काम करने के चलते उन्हें कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। पीठ के निचले हिस्से में होने वाला दर्द इसी का एक उदाहरण है। अगर इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो कुर्सी पर थोड़ी देर बैठना भी कठिन हो जाता है। हम में से ज्यादार लोगों को इस तरह की परेशानी का अनुभव हुआ होगा। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि आखिर इस समस्या का कारण क्या है, साथ ही किन उपायों को अपनाकर इस दीर्घकालिक गंभीर परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है?
ऑफिस मेें देर तक बैठने से होने लगा है कमर में दर्द, इन उपायों को अपनाकर पाएं निजात
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विशेषज्ञों का मानना है कि पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द की समस्या मुख्य रूप से जीवनशैली संबंधी गलतियों से जुड़ी हुई है। लखनऊ के मशहूर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जोहैब काजी का कहना है कि ऑफिस में एक ही पोजीशन में लंबे समय तक बैठे रहने से इस तरह की परेशानियां होना आज के समय में सामान्य है, पर इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। शुरुआती स्थिति में ही अगर ध्यान देकर रहन-सहन की आदतों में कुछ बदलाव कर लिया जाए स्थिति में सुधार किया जा सकता है।
पीठ में दर्द की समस्या को दूर करने के लिए क्या करें?
डॉ. जोहैब के मुताबिक सबसे पहले आपको बैठने की स्थिति में सुधार करना होगा। लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें, हर 30 मिनट में उठकर इधर-उधर टहल लें। इस दौरान अपनी गर्दन को चारों तरफ घुमाएं। थोड़ी देर घूमने और गर्दन को ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं घुमाने से रक्त का संचार बढ़ता है। इसके अलावा यदि आप कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं तो अपने मॉनीटर या लैपटॉप को इस तरह से व्यवस्थित करें जिससे काम करने के दौरान आपको सामने की ओर ज्यादा झुकना न पड़े।
क्या न करें?
सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि एक ही अवस्था में ज्यादा देर तक न बैठें। शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाए रखने के लिए आसपास ही घूम लें। कुछ लोग क्रॉस सिटिंग यानी कि एक पैर पर दूसरा पैर रखकर बैठते हैं, यह सही नहीं है इस तरह से बैठने पर परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा फोन का इस्तेमाल कम से कम करें क्योंकि फोन के देखते समय हमें आमतौर पर सामने की ओर झुकना पड़ता है। अगर आप अपनी जीवनशैली में इस तरह के सामान्य से बदलाव कर लें तो पीठ दर्द की गंभीर समस्या से खुद को बचा सकते हैं।
नोट: यह लेख आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने हेतु लखनऊ में ट्राई केयर क्लीनिक चलाने वाले फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. जोहैब काजी से बातचीत के आधार पर बनाया गया है। संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।