अध्ययन: इस तरह के अनाज का सेवन करने वालों में डायबिटीज का खतरा कम, यह आटा सबसे फायदेमंद
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मिलेट आधारित आहार और डायबिटीज
📢A new study from research across 11 countries shows that millet consumption can ⬇ risk of developing Type 2 diabetes and helps manage blood sugar levels in diabetics.
फ्रंटियर्स ऑफ न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, मिलेट आधारित आहार का सेवन मधुमेह के विकास और रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान पाया कि चूंकि इस प्रकार के आहार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, ऐसे में इसे मधुमेह के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद माना जा सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन लोगों में आनुवांशिक रूप से मधुमेह का जोखिम है वह भी इस तरह के आहार का सेवन करके खतरे को कम कर सकते हैं।
This indicates potential of millet-based diets in managing #diabetes.https://t.co/9k2zT1xBi3#UNFSS2021 pic.twitter.com/BlAeddjKTk
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले आहार का करना चाहिए सेवन
इस अध्ययन के बारे में इंडियन नेशनल टेक्निकल बोर्ड ऑफ न्यूट्रिशन के प्रतिनिधि और अध्ययन के लेखकों में से एक डॉ राज भंडारी कहते हैं, चावल, गेहूं और मक्का की तुलना में मिलेट वाले आहारों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम पाया गया है। यही कारण है कि इसका सेवन डायबिटीज के प्रबंधन में काफी लाभदायक हो सकता है।
वहीं आईसीआरआईएसएटी में वरिष्ठ पोषण वैज्ञानिक और अध्ययन की लेखक डॉ एस अनीता कहती हैं, कई जर्नल्स में प्रकाशित अध्ययनों के साथ इस अध्ययन की समीक्षा में हमने पाया कि मिलेट वाले आहारों के सेवन से मधुमेह का खतरा कम हो जाता है। जिन लोगों को इस तरह की समस्या है, उन्हें भोजन में ऐसे आहारों को जरूर शामिल करना चाहिए।
अन्य रोगों में भी फायदेमंद है मिलेट का सेवन
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि मिलेट आधारित आहार डायबिटीज के प्रबंधन के साथ-साथ कई अन्य तरह से भी सेहत के लिए लाभदायक हो सकते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी है वह भी इन आहारों का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इन्हें ग्लूटेन मुक्त पाया गया है। इसके आलावा इसमें कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुण भी होते हैं जिससे हृदय का स्वास्थ्य बेहतर बनता है। मिलेट आधारित आहारों को एंटीऑक्सिडेंट, प्रोटीन और डायट्री फाइबर का एक समृद्ध स्रोत माना जाता है।
डायबिटीज के प्रबंधन को लेकर हाल ही में हुए एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि भोजन में हरे कटहल के आटे इस्तेमाल करने से टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों को काफी लाभ मिल सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि हरे कटहल का आटा मधुमेह के रोगियों में प्लाज्मा शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक हो सकता है। अध्ययन में कटहल के आटे का सेवन करने वाले लोगों का ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1c) काफी कम पाया गया। ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का बढ़ना, मधुमेह का संकेत माना जाता है। इस अध्ययन को नेचर जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
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स्रोत और संदर्भ:
A Systematic Review and Meta-Analysis of the Potential of Millets for Managing and Reducing the Risk of Developing Diabetes Mellitus
अस्वीकरण नोट: यह लेख फ्रंटियर्स ऑफ न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशितअध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।