शरीर के प्रत्येक अंग की अपनी अलग खासियत होती है। नाखून हमारे शरीर का एक अभिन्न अंग हैं जो हाथ और पैर की उंगलियों की रक्षा करता है। चीजों को उठा पाना, पकड़ना, लिखना, खाना, नाखून के बिना कुछ भी संभव नहीं है। पर क्या आप जानते हैं कि नाखून के माध्यम से शरीर में बन रही कई गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सकता है? जी हां, अध्ययनों से पता चलता है कि नाखून के माध्यम से कैंसर सहित कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाया जा सकता है।
ध्यान दें: नाखूनों को देखकर जानिए कहीं आपको कैंसर तो नहीं? ऐसे लक्षण माने जाते हैं संकेत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाखून के रंग में बदलाव को लेकर रहें सावधान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नाखूनों का रंग सफेद और उसके नीचे हल्का गुलाबी होना सामान्य है। हालांकि अगर आपको इसमें कुछ भी अलग या आसामान्य लगे तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता होती है। सामान्यतौर पर नाखूनों का पीला या मोटा होना फंगल संक्रमण का संकेत दे सकता है, जबकि नाखूनों का टूटना या भंगुर होना थायराइड रोग या एनीमिया का संकेत हो सकता है। यदि आप अपने नाखूनों में गड्ढे या छोटी दरारें देखते हैं, तो यह सोरायसिस या एलोपेसिया एरीटा का संकेत हो सकता है। नाखूनों के नीचे सफेद रेखाएं किडनी या लिवर की बीमारी का संकेत हो सकती हैं। हालांकि इसके वास्तविक निदान के लिए डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।
नाखून के रंग में बदलाव कैंसर का हो सकता है संकेत
अध्ययनों से पता चलता है कि नाखून के रंग में बदलाव गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और कई स्थितियों में यह कैंसर तक का भी संकेत हो सकता है। नाखून के रंग में बदलाव को सबंगुअल मेलेनोमा नामक त्वचा कैंसर का संकेत माना जाता है। इस स्थिति में नाखूनों के नीचे एक डार्क लाइन दिखाई देती सकता है, जिससे स्वाभाविक तौर पर नाखून का रंग खराब हो सकता है। इसके अलावा नाखून के क्यूटिकल के पास काला दाग हो सकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि कैंसर के उपचार के परिणाम के कारण भी नाखून के रंग में इस तरह के बदलाव हो सकते हैं। कैंसर की कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी नाखूनों का रंग काला पड़ सकता है।
कैंसर के इन लक्षणों को भी ध्यान में रखें
सबंगुअल मेलेनोमा कैंसर में उंगली या पैर के नाखूनों पर काले दाग बनने के अलावा नाखूनों में कुछ और परिवर्तनों पर भी गौर करना आवश्यक होता है। नाखूनों के नीचे कालेपन के अलावा अगर नाखूनों में इस तरह की दिक्कत दिखती हो तो इस बारे में विशेष सावधान हो जाने की आवश्यकता होती है। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलकर जांच कराना आवश्यक हो जाता है।
- नाखूनों के आसपास खून बहना या खून के थक्के जैसा नजर आना।
- नाखूनों के नीचे की काली-भूरी धारियों का बढ़ते जाना।
- नाखूनों का कमजोर होना या भंगुर हो जाना।
- नाखून पर चोट जैसे निशान दिखना जो बहुत समय से ठीक न हो रहा हो।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ विष्णुदत्त अस्थाना (कैंसर हॉस्पिटल, नासिक) बताते हैं, नाखूनों के रंग में बदलाव या इसका कमजोर होना कई अन्य कारणों से भी हो सकता है, हर स्थिति में इसे कैंसर नहीं माना जा सकता है। हालांकि यदि आपमें नाखूनों से संबंधित दो से अधिक असामान्यता लंबे समय तक बनी रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक हो जाता है। कैंसर का संदेह होने पर फिलकल टेस्ट और बायोप्सी के माध्यम से इसका निदान करने में मदद मिल सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि कैंसर का यदि समय पर निदान हो जाए तो इसका उपचार और ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।
------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला के हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।